त्योहार की खुशियों में तनाव न बने मेहमान! खुद को खुश रखने के लिए अपनाएं ये 5 आसान तरीके
- sakshi choudhary
- 21 Oct, 2026
त्योहारों का मौसम आते ही घरों में सजावट, स्वादिष्ट पकवानों, खरीदारी और अपनों से मिलने की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। लेकिन खुशियों से भरे इस माहौल में ऑफिस की डेडलाइन, घर की जिम्मेदारियां और मेहमानों की तैयारियां कई बार मानसिक तनाव भी बढ़ा देती हैं। दूसरों की खुशी का ख्याल रखते-रखते लोग अक्सर अपनी सेहत और सुकून को नजरअंदाज कर देते हैं। अगर आप भी त्योहारों की भागदौड़ में थकान और तनाव महसूस कर रहे हैं, तो अपनी दिनचर्या में कुछ छोटे बदलाव करके इस मौसम को अधिक खुशनुमा बना सकते हैं।
हर काम जरूरी नहीं, प्राथमिकता तय करना है जरूरी
त्योहारों पर कामों की लंबी सूची देखकर घबराने के बजाय सबसे जरूरी काम पहले पूरे करें। दिन की शुरुआत में अपना शेड्यूल बनाएं और अचानक आने वाले कामों के लिए थोड़ा अतिरिक्त समय रखें। एक साथ कई काम करने के बजाय एक समय में एक काम पर ध्यान देने से मानसिक दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
सारी जिम्मेदारी खुद न उठाएं
घर की सफाई, खरीदारी, सजावट और पकवान बनाने का काम अकेले करने से थकान बढ़ सकती है। बेहतर होगा कि परिवार के सदस्यों के साथ जिम्मेदारियां बांटें। इससे काम जल्दी पूरे होंगे और सभी को त्योहार की तैयारियों में शामिल होने का मौका भी मिलेगा।
ऑफिस के तनाव से बनाएं दूरी
कामकाजी लोगों के लिए त्योहारों में ऑफिस और घर के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। काम खत्म होने के बाद खुद को मानसिक रूप से आराम देने का समय दें। पर्याप्त नींद लें, पौष्टिक भोजन करें, पानी पीते रहें और हल्की एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
परफेक्ट त्योहार नहीं, खूबसूरत यादें बनाएं
हर सजावट शानदार हो, हर पकवान बेहतरीन बने और हर तैयारी समय पर पूरी हो, यह जरूरी नहीं है। दूसरों से अपनी तुलना करने के बजाय परिवार के साथ बिताए पलों पर ध्यान दें। याद रखें, त्योहार की असली खूबसूरती दिखावे में नहीं, बल्कि साथ और अपनापन महसूस करने में है।
खुद के लिए भी निकालें थोड़ा समय
पूरे दिन की भागदौड़ के बीच कुछ समय अपने लिए जरूर रखें। मेडिटेशन, गहरी सांस लेने का अभ्यास, पसंदीदा संगीत सुनना या शांत जगह पर बैठना मन को आराम देने में मदद कर सकता है। जरूरत पड़ने पर किसी काम के लिए विनम्रता से 'न' कहना भी सीखें।
मानसिक सेहत को न करें नजरअंदाज
क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट गरिमा के अनुसार, त्योहारों में कामों की प्राथमिकता तय करना, शेड्यूल में अतिरिक्त समय रखना और ऑफिस व घर के बीच मानसिक बदलाव के लिए समय निकालना जरूरी है। पर्याप्त नींद, संतुलित भोजन, व्यायाम और मेडिटेशन भी तनाव प्रबंधन में सहायक हो सकते हैं।
यदि लगातार चिड़चिड़ापन, बेचैनी, थकान या नींद में बदलाव महसूस हो, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।
याद रखें: त्योहार सबके चेहरे पर मुस्कान लाने का मौका हैं, लेकिन उस मुस्कान में आपकी खुशी भी शामिल होनी चाहिए। इस बार दूसरों का ख्याल रखें, मगर खुद को भी उतनी ही अहमियत दें।