Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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Greater Noida: न्यूमेड सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में दुर्लभ हेटेरोटॉपिक गर्भावस्था का सफल इलाज, माँ और दो शिशुओं को मिला नया जीवन

Greater Noida: न्यूमेड सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में हाल ही में चिकित्सा विज्ञान का एक दुर्लभ और अत्यंत जटिल चमत्कार देखने को मिला, जहाँ हेटेरोटॉपिक गर्भावस्था के एक गंभीर और जानलेवा मामले में सफल डिलीवरी कराई गई।
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Greater Noida: न्यूमेड सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में हाल ही में चिकित्सा विज्ञान का एक दुर्लभ और अत्यंत जटिल चमत्कार देखने को मिला, जहाँ हेटेरोटॉपिक गर्भावस्था के एक गंभीर और जानलेवा मामले में सफल डिलीवरी कराई गई। हेटेरोटॉपिक गर्भावस्था एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें एक गर्भ गर्भाशय के भीतर और दूसरा गर्भ पेट की गुहा में विकसित होता है। यह मामला भारत में संभवतः पहला रिपोर्टेड केस माना जा रहा है, जो 29 सप्ताह और 1 दिन तक पहुँचकर सजीव प्रसव में परिवर्तित हुआ, जबकि विश्व स्तर पर इसे पाँचवाँ प्रलेखित मामला माना जा रहा है।


मरीज को 29 सप्ताह की गर्भावधि में तेज पेट दर्द और अत्यधिक रक्तस्राव के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी स्थिति अत्यंत उच्च जोखिम वाली थी, क्योंकि वह Rh-निगेटिव रक्त समूह की थी और उसे एनीमिया, कम प्लेटलेट काउंट, लिवर व किडनी फंक्शन में समस्या तथा मूत्र मार्ग संक्रमण का पूर्व मेडिकल इतिहास था। शुरुआती अल्ट्रासाउंड में इसे सामान्य जुड़वाँ गर्भावस्था बताया गया, जिससे सही निदान में देरी हुई। स्थिति गंभीर होने पर बहु-विषयक चिकित्सा टीम की निगरानी में आपातकालीन सिजेरियन ऑपरेशन किया गया, जिसमें पेट में विकसित गर्भ का प्लेसेंटा आंतों में असामान्य रूप से धंसा पाया गया, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ।

समय पर की गई सर्जरी और विशेषज्ञ चिकित्सकीय हस्तक्षेप से मरीज की जान बचाई गई। 08/11/2025 को शल्यक्रिया के दौरान प्लेसेंटा से जुड़ा आंत का एक छोटा हिस्सा भी निकाला गया। इस प्रक्रिया में दो पुरुष शिशुओं का सफल जन्म हुआ, जिनमें गर्भाशय के भीतर विकसित शिशु का वजन 1.4 किलोग्राम और पेट में विकसित शिशु का वजन 1.0 किलोग्राम रहा। दोनों शिशु वर्तमान में स्थिर और स्वस्थ हैं। मरीज को नवंबर माह में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है और उसकी स्थिति संतोषजनक है, जबकि आगे के उपचार के तहत आंतों की एनास्टोमोसिस की योजना बनाई गई है।