Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING
NEWS
● इंदर प्रधान पल्ला फिर बने सपा जिलाध्यक्ष, कार्यकर्ताओं ने दी बधाई
● ग्रेटर नोएडा का शहीद विजय सिंह पथिक खेल परिसर 3 हजार LED लाइट से होगा रोशन
● ग्रेटर नोएडा में घर से लापता युवक का मिला शव, पत्नी से झगड़े के बाद निकला था राजीव
● नोएडा में किसानों की महापंचायत, राकेश टिकैत बोले- मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
● दिशा सालियान केस: आदित्य ठाकरे ने तोड़ी चुप्पी, बोले- ‘मैं उनसे कभी नहीं मिला’
● यूपी में पूर्व अग्निवीरों को 20 फीसद आरक्षण, परिवहन और कारागार विभाग की भर्ती में मिलेगा लाभ
● ग्रेटर नोएडा की 100 से अधिक सोसायटियों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट, जल्द जारी होंगे नोटिस
● ग्रेटर नोएडा: विकास और रोजगार की नई राह खुलेगी, 7 गांवों में किसानों से संवाद
● ग्रेटर नोएडा में बिजली समस्याओं पर RWA की बैठक, NPCL ने जल्द समाधान का दिया आश्वासन
● UP Teacher Vacancy 2026: यूपी में 15,012 शिक्षक पदों पर भर्ती शुरू, जानें आवेदन और परीक्षा की तारीख
डीएफसीसी कॉरिडोर पर नया कीर्तिमान, एक दिन में 892 मालगाड़ियों का संचालन
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) के ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर पर रविवार को मालगाड़ियों के संचालन का नया रिकॉर्ड दर्ज किया गया।
- sakshi choudhary
- 13 Jan, 2026
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) के ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर पर रविवार को मालगाड़ियों के संचालन का नया रिकॉर्ड दर्ज किया गया। इस दिन दोनों कॉरिडोर और भारतीय रेल के पांच अलग-अलग जोनों के बीच कुल 892 मालगाड़ियों का इंटरचेंज हुआ। इससे पहले यह रिकॉर्ड 4 जनवरी को बना था, जब 865 मालगाड़ियां चली थीं। फ्रेट कॉरिडोर के शुरू होने के बाद से लगातार freight movement में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
पिछले वर्ष से ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर नियमित रूप से ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इन कॉरिडोर पर मालगाड़ियों की औसत गति 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रहती है, जिससे coal, cement, container और agriculture products की तेज और सुरक्षित ढुलाई संभव हो रही है। DFCCIL के अनुसार तेज गति और बेहतर timetable management के कारण न केवल freight logistics को मजबूती मिली है, बल्कि पारंपरिक रेल नेटवर्क पर दबाव भी कम हुआ है।
अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक signalling system, digital control room और real-time traffic management की मदद से ट्रेनों की गति और अंतराल को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा रहा है। दो स्टेशनों के बीच बेहतर coordination से ट्रेनों को कम समय में मार्ग पार करने में मदद मिल रही है, जिससे fuel saving भी हो रही है। फ्रेट कॉरिडोर पर बढ़ती ट्रेनों की संख्या से logistics sector को नई रफ्तार मिलने के साथ-साथ उद्योग जगत को समय पर डिलीवरी का लाभ मिल रहा है।