ग्रेटर नोएडा में अवैध पीजी और व्यावसायिक गतिविधियों पर प्राधिकरण की सख्त कार्रवाई की तैयारी
- sakshi choudhary
- 26 Feb, 2026
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने रिहायशी सेक्टरों में चल रहे अवैध पीजी (पेयिंग गेस्ट) और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों के अनुसार, कई सेक्टरों में आवासीय मकानों को बिना अनुमति पीजी और कमर्शियल उपयोग में बदला जा रहा है। इससे न केवल सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि कूड़ा प्रबंधन और मूलभूत सुविधाओं पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों की लगातार शिकायतों के बाद प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों के विपरीत चल रहे पीजी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण ने कहा है कि सुरक्षा और स्वच्छता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अवैध पीजी की वजह से बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ती है, जिससे सुरक्षा संबंधी जोखिम पैदा होते हैं। इसके साथ ही पार्किंग और शोर-शराबा जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि पहले मकान मालिकों और संचालकों को नोटिस जारी किया जाएगा और निर्धारित समय में जवाब या अनुपालन न होने पर सीलिंग जैसी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित विभागों की टीम सेक्टरवार सर्वे कर सूची तैयार कर रही है।
सेक्टरवासियों ने भी इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अनियंत्रित व्यावसायिक गतिविधियों से माहौल खराब हो रहा है और सुरक्षा पर खतरा बढ़ रहा है। प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि मास्टर प्लान और भवन उपयोग नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर जांच अभियान चलाकर अवैध पीजी और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।