Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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शारदा विश्वविद्यालय में जीवन की उत्पत्ति पर विशेष व्याख्यान का आयोजन

शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में "विकासवाद: रसायन विज्ञान का उदय और जीवविज्ञान का जन्म" विषय पर एक विचारोत्तेजक व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस व्याख्यान में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के डॉ. पद्मनाभन बालाराम ने प्रारंभिक पृथ्वी पर साधारण रासायनिक यौगिकों से लेकर जटिल जैविक प्रणालियों के विकास तक की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि कैसे कार्बनिक अणुओं का निर्माण हुआ और स्वयं को प्रतिकृति बनाने वाली प्रणालियाँ विकसित हुईं। इसके साथ ही, रसायन विज्ञान से प्रारंभिक जैविक प्रक्रियाओं और विकासवादी विज्ञान के बीच के संबंधों को भी विस्तार से समझाया गया।
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शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में "विकासवाद: रसायन विज्ञान का उदय और जीवविज्ञान का जन्म" विषय पर एक विचारोत्तेजक व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस व्याख्यान में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के डॉ. पद्मनाभन बालाराम ने प्रारंभिक पृथ्वी पर साधारण रासायनिक यौगिकों से लेकर जटिल जैविक प्रणालियों के विकास तक की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि कैसे कार्बनिक अणुओं का निर्माण हुआ और स्वयं को प्रतिकृति बनाने वाली प्रणालियाँ विकसित हुईं। इसके साथ ही, रसायन विज्ञान से प्रारंभिक जैविक प्रक्रियाओं और विकासवादी विज्ञान के बीच के संबंधों को भी विस्तार से समझाया गया।


शारदा विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर वाई के गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि “ऐसे व्याख्यान छात्रों और शिक्षकों को विज्ञान के मूलभूत सवालों पर गहराई से सोचने के लिए प्रेरित करते हैं। पद्मनाभन बालाराम जैसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक का विश्वविद्यालय में आकर अपने अनुभव साझा करना हमारे लिए गर्व की बात है। ये कार्यक्रम छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और उन्हें शोध तथा नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।”


इस कार्यक्रम का आयोजन प्रो. S. E. हसनैन और प्रो. भुवनेश कुमार (डीन रिसर्च) द्वारा किया गया। कार्यक्रम में वाइस चांसलर प्रो. सिबाराम खारा, प्रो वाइस चांसलर डॉ. परमानंद, सभी विभागों के डीन, फैकल्टी मेंबर्स, स्टाफ और छात्र उपस्थित रहे। इस व्याख्यान ने शारदा विश्वविद्यालय में विज्ञान और शोध के प्रति छात्रों की रुचि को और बढ़ावा दिया और उन्हें जीवन की उत्पत्ति और विकासवादी विज्ञान की गहरी समझ प्रदान की।