Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: एक घंटे में 30 फ्लाइट, कोहरे-बारिश में भी ऑपरेशन, जानें क्यों है खास

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने आज Noida International Airport का उद्घाटन किया, जो देश के सबसे आधुनिक एयरपोर्ट्स में गिना जा रहा है। पहले चरण में 3.9 किलोमीटर लंबा रनवे तैयार किया गया है, जहां समानांतर लैंडिंग और टेक-ऑफ की सुविधा उपलब्ध होगी। यह देश का तीसरा एयरपोर्ट है जहां यह अत्याधुनिक सुविधा दी जा रही है, इससे पहले दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर ही यह तकनीक मौजूद थी।
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प्रधानमंत्री Narendra Modi ने आज Noida International Airport का उद्घाटन किया, जो देश के सबसे आधुनिक एयरपोर्ट्स में गिना जा रहा है। पहले चरण में 3.9 किलोमीटर लंबा रनवे तैयार किया गया है, जहां समानांतर लैंडिंग और टेक-ऑफ की सुविधा उपलब्ध होगी। यह देश का तीसरा एयरपोर्ट है जहां यह अत्याधुनिक सुविधा दी जा रही है, इससे पहले दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर ही यह तकनीक मौजूद थी।


नोएडा एयरपोर्ट की सबसे बड़ी खासियत इसकी CAT-III इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) तकनीक है, जो खराब मौसम जैसे घने कोहरे और बारिश में भी विमान संचालन को प्रभावित नहीं होने देती। इस तकनीक के जरिए पायलट कम विजिबिलिटी में भी सुरक्षित लैंडिंग कर सकते हैं। इसके अलावा, एयरपोर्ट पूरी क्षमता से संचालित होने पर एक घंटे में करीब 30 विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ संभाल सकेगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर के एयर ट्रैफिक पर दबाव कम होगा और यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।


इस मेगा प्रोजेक्ट को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है और भविष्य में यहां कुल 6 रनवे बनाए जाएंगे। करीब 29,561 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह एयरपोर्ट 2050 तक एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अत्याधुनिक सुविधाओं और हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ यह एयरपोर्ट भारत के एविएशन सेक्टर में एक नया मील का पत्थर साबित हो सकता है।