Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● जन्माष्टमी पर कृष्णमय हुआ देश: मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, मुंबई में दही हांडी की जोरदार तैयारी ● Public Exam Reforms: देश की परीक्षा व्यवस्था में होंगे बड़े सुधार? हाई-पावर्ड टास्क फोर्स ने मांगे सुझाव, 13 सितंबर तक मौका ● Ghaziabad: अजनारा इंटीग्रिटी सोसाइटी में सुविधाएं अधूरी, मेंटेनेंस बढ़ाने और मनमाने बिजली शुल्क का आरोप ● नोएडा मजदूर आंदोलन: आकृति चौधरी की NSA हिरासत रद्द, हाईकोर्ट के फैसले से पुलिस के आरोपों पर उठे सवाल ● जन्माष्टमी पर दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश, नोएडा-गाजियाबाद में जलभराव; गर्मी से मिली राहत ● Greater Noida Traffic Alert: किसान चौक पर आज रात से ट्रैफिक डायवर्जन, दो सप्ताह तक संभलकर चलें ● एम.सी. गोपीचंद इंटर कॉलेज में हर्षोल्लास से मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, राधा-कृष्ण की झांकी ने मोहा मन ● Sharda University में ‘दीक्षारंभ 2026’ का भव्य आयोजन, Chirag Paswan ने छात्रों को दिया सफलता का मंत्र ● EV India Expo 2026 का सफल समापन, 30 हजार से ज्यादा बिजनेस विजिटर्स ने लिया हिस्सा ● ग्रेटर नोएडा में श्रमिक आवास से एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी तक 7 बड़े फैसले, जानें क्या बदलेगा

नोएडा साइबर क्राइम पुलिस की बड़ी कार्रवाई, टेक सपोर्ट फ्रॉड गैंग के 4 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की थाना साइबर क्राइम नोएडा टीम ने एक बड़े Tech Support Scam का खुलासा करते हुए 4 साइबर अपराधियों को सेक्टर 76 नोएडा से गिरफ्तार किया है।
top-news

पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की थाना साइबर क्राइम नोएडा टीम ने एक बड़े Tech Support Scam का खुलासा करते हुए 4 साइबर अपराधियों को सेक्टर 76 नोएडा से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मौ0 बिलाल, देव कपाही, अभिषेक मुखेजा और कुशाग्र निम्बेकर शामिल हैं। पुलिस के अनुसार ये आरोपी विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की Cyber Fraud को अंजाम दे चुके हैं। आरोपियों के पास से 4 लैपटॉप, 8 मोबाइल फोन, 4 माइक हेडफोन और 2 राउटर बरामद किए गए हैं।


जांच में सामने आया कि आरोपी इंटरनेट और सोशल मीडिया पर Tech Support के नाम पर Paid Ads चलाते थे और टोल-फ्री नंबर जारी करते थे। जैसे ही विदेशी नागरिक इन नंबरों पर कॉल करते, कॉलिंग सॉफ्टवेयर के जरिए आरोपी खुद को टेक्निकल सपोर्ट एजेंट बताकर उन्हें डराते थे कि उनका सिस्टम हैक हो गया है। इसके बाद Screen Sharing Apps के माध्यम से उनके कंप्यूटर को एक्सेस कर बैंकिंग डिटेल्स हासिल कर लेते थे। कम बैलेंस होने पर 350 से 2000 USD तक वसूली की जाती थी, जबकि अधिक रकम होने पर केस को सीनियर स्कैमर्स को ट्रांसफर कर दिया जाता था।

पुलिस ने बताया कि आरोपी उच्च शिक्षित हैं और विदेशी एक्सेंट में बात कर लोगों को आसानी से झांसे में ले लेते थे। ठगी की रकम Cryptocurrency के जरिए ली जाती थी और आपस में बांट ली जाती थी। साइबर क्राइम पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या विज्ञापन पर भरोसा न करें, अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें और किसी भी स्थिति में Screen Sharing या Remote Access की अनुमति न दें। ठगी का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 या National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज करें।