Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में प्रोफेसरों की नियुक्ति में बड़ा घोटाला, 30–35 लाख लेकर किया गया नियमित!

ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में प्रोफेसरों की नियुक्ति को लेकर बड़ा भ्रष्टाचार सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, करीब 70 से अधिक प्रोफेसरों को बिना तय मानकों को पूरा किए ही नियमित कर दिया गया। आरोप है कि इसके लिए 30 से 35 लाख रुपये तक की रिश्वत ली गई। जांच में सामने आया कि चयन प्रक्रिया के दौरान नियमों को नजरअंदाज किया गया और योग्य उम्मीदवारों की जगह रसूखदार लोगों को फायदा पहुंचाया गया। डॉ. विश्वास त्रिपाठी समेत कई नाम इस मामले में चर्चा में हैं, जिनके खिलाफ पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
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ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में प्रोफेसरों की नियुक्ति को लेकर बड़ा भ्रष्टाचार सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, करीब 70 से अधिक प्रोफेसरों को बिना तय मानकों को पूरा किए ही नियमित कर दिया गया। आरोप है कि इसके लिए 30 से 35 लाख रुपये तक की रिश्वत ली गई। जांच में सामने आया कि चयन प्रक्रिया के दौरान नियमों को नजरअंदाज किया गया और योग्य उम्मीदवारों की जगह रसूखदार लोगों को फायदा पहुंचाया गया। डॉ. विश्वास त्रिपाठी समेत कई नाम इस मामले में चर्चा में हैं, जिनके खिलाफ पहले भी सवाल उठते रहे हैं।


रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2010 से 2011 के बीच विश्वविद्यालय में हुई भर्तियों में भारी अनियमितताएं पाई गई थीं। एक जांच समिति ने इन नियुक्तियों को तीन श्रेणियों—Z, Y और X में बांटा था। X कैटेगरी में रखे गए उम्मीदवार वे थे जिन्होंने आवश्यक योग्यता, अनुभव और प्रकाशन मानकों को पूरा नहीं किया था। इसके बावजूद, प्रभाव और संपर्कों के चलते इन्हें नियमित कर दिया गया। कई मामलों में तो जिन पदों का विज्ञापन तक नहीं निकला था, उन पर भी नियुक्तियां कर दी गईं। 2018 में भी एक अन्य कमेटी ने इन नियुक्तियों को अयोग्य बताया था, लेकिन रिपोर्ट को नजरअंदाज कर दिया गया।


अब विश्वविद्यालय में रूसा फंड के तहत खर्च हुए 10 करोड़ रुपये के कार्यों की भी जांच की तैयारी है। बताया जा रहा है कि इन फंड्स के उपयोग में भी अनियमितताओं की आशंका है। फाइलों का सत्यापन किया जाएगा और जांच पूरी होने के बाद ही अगले 20 करोड़ रुपये के लिए आवेदन किया जाएगा। इस पूरे मामले ने उच्च शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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