Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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ग्रेटर नोएडा में भूजल संकट के खिलाफ बड़ा आंदोलन, 11 मई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा

नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में लगातार बढ़ते भूजल दोहन के खिलाफ अब बड़ा आंदोलन खड़ा हो रहा है। करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय ने घोषणा की है कि वे 11 मई 2026 को जिला मुख्यालय में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। इस आंदोलन का उद्देश्य प्राइवेट बिल्डरों द्वारा हो रहे कथित अवैध भूजल दोहन को रोकना और प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करना है। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले वर्षों में क्षेत्र में गंभीर जल संकट उत्पन्न हो सकता है।
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नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में लगातार बढ़ते भूजल दोहन के खिलाफ अब बड़ा आंदोलन खड़ा हो रहा है। करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय ने घोषणा की है कि वे 11 मई 2026 को जिला मुख्यालय में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। इस आंदोलन का उद्देश्य प्राइवेट बिल्डरों द्वारा हो रहे कथित अवैध भूजल दोहन को रोकना और प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करना है। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले वर्षों में क्षेत्र में गंभीर जल संकट उत्पन्न हो सकता है।


इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए संगठन की कई अहम बैठकें आयोजित की गईं। यह बैठकें संगठन के संस्थापक सदस्य आलोक नागर के डेल्टा-2 स्थित आवास, नोएडा के बादोली गांव में सुरेंद्र कसाना के घर और कोंडली गांव में पिरोज भाटी के आवास पर संपन्न हुईं। इन बैठकों में स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आंदोलन को समर्थन देने की रणनीति पर चर्चा की गई। संगठन के सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि क्षेत्र में तेजी से गिरते भूजल स्तर को बचाने के लिए अब सख्त कदम उठाना जरूरी हो गया है।


आलोक नागर ने बैठक में कहा कि गौतम बुद्ध नगर के नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्राइवेट बिल्डरों द्वारा भूजल का अत्यधिक दोहन किया जा रहा है। इसके कारण भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है और भविष्य में स्थिति बेहद भयावह हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसी तरह दोहन जारी रहा तो आने वाले समय में स्थानीय निवासियों को पानी की गंभीर कमी का सामना करना पड़ेगा। संगठन ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप और सख्त नियम लागू करने की मांग की है।

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