Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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NIIMS ग्रेटर नोएडा में आधुनिक मोतियाबिंद सर्जरी तकनीकों पर महत्वपूर्ण शैक्षणिक सत्र का आयोजन

ग्रेटर नोएडा स्थित नोएडा इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (NIIMS) के नेत्र रोग विभाग द्वारा आधुनिक मोतियाबिंद सर्जरी तकनीकों पर एक उच्च स्तरीय शैक्षणिक सत्र का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का विषय “फेकोडायनामिक्स – एस्पिरेशन फ्लो रेट, वैक्यूम, अल्ट्रासाउंड पावर और इरिगेशन (पैसिव एवं एक्टिव)” रहा। सत्र में अल्कॉन के सर्जिकल डेवलपमेंट कंसल्टेंट श्री अविनंदन बागची ने भाग लिया और आधुनिक सर्जिकल तकनीकों के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि फेकोडायनामिक्स के इन महत्वपूर्ण पैरामीटर्स का सही संतुलन मोतियाबिंद सर्जरी को अधिक सुरक्षित, सटीक और प्रभावी बनाता है।
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ग्रेटर नोएडा स्थित नोएडा इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (NIIMS) के नेत्र रोग विभाग द्वारा आधुनिक मोतियाबिंद सर्जरी तकनीकों पर एक उच्च स्तरीय शैक्षणिक सत्र का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का विषय “फेकोडायनामिक्स – एस्पिरेशन फ्लो रेट, वैक्यूम, अल्ट्रासाउंड पावर और इरिगेशन (पैसिव एवं एक्टिव)” रहा। सत्र में अल्कॉन के सर्जिकल डेवलपमेंट कंसल्टेंट श्री अविनंदन बागची ने भाग लिया और आधुनिक सर्जिकल तकनीकों के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि फेकोडायनामिक्स के इन महत्वपूर्ण पैरामीटर्स का सही संतुलन मोतियाबिंद सर्जरी को अधिक सुरक्षित, सटीक और प्रभावी बनाता है।


कार्यक्रम का आयोजन नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन डॉ. देवेश कुमार सिंह एवं संस्थान के उच्च प्रशासनिक अधिकारियों के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर संस्थान प्रशासन ने चिकित्सा शिक्षा और क्लिनिकल ट्रेनिंग को और अधिक मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. जे. एस. भल्ला ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक सत्र छात्रों और चिकित्सकों के लिए अत्यंत उपयोगी होते हैं, क्योंकि इससे उनका क्लिनिकल ज्ञान और सर्जिकल कौशल दोनों बेहतर होते हैं। उन्होंने विशेष रूप से फेकोडायनामिक्स की गहन समझ को आधुनिक नेत्र शल्य चिकित्सा की सफलता की कुंजी बताया।


सत्र में फैकल्टी सदस्यों, पीजी रेजिडेंट्स और इंटर्न्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विशेषज्ञों ने सर्जरी के दौरान आंख के अंदर स्थिरता बनाए रखने, एंडोथीलियल डैमेज को कम करने और मरीजों के बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में नेत्र रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राहुल सिंह ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। NIIMS लगातार ऐसे शैक्षणिक आयोजनों के माध्यम से चिकित्सा शिक्षा, शोध और क्लिनिकल उत्कृष्टता को बढ़ावा दे रहा है, जिससे भविष्य के डॉक्टरों को अत्याधुनिक तकनीकों की बेहतर समझ प्राप्त हो सके।