Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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नोएडा प्राधिकरण का घेराव! किसानों का हंगामा, सीईओ से कल होगी अहम वार्ता

नोएडा में गुरुवार को उस समय बड़ा प्रशासनिक तनाव देखने को मिला जब भारतीय किसान परिषद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने नोएडा प्राधिकरण कार्यालय का घेराव कर दिया। किसान सेक्टर-6 स्थित प्राधिकरण परिसर तक जुलूस के रूप में पहुंचे और 10 प्रतिशत आबादी भूखंडों के लंबित निस्तारण, 5 प्रतिशत भूखंडों के आवंटन में कथित अनियमितताओं तथा हाई पावर कमेटी की सिफारिशों को लागू करने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्षों से उनकी जमीनों से जुड़े मामलों का समाधान नहीं हो रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
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नोएडा में गुरुवार को उस समय बड़ा प्रशासनिक तनाव देखने को मिला जब भारतीय किसान परिषद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने नोएडा प्राधिकरण कार्यालय का घेराव कर दिया। किसान सेक्टर-6 स्थित प्राधिकरण परिसर तक जुलूस के रूप में पहुंचे और 10 प्रतिशत आबादी भूखंडों के लंबित निस्तारण, 5 प्रतिशत भूखंडों के आवंटन में कथित अनियमितताओं तथा हाई पावर कमेटी की सिफारिशों को लागू करने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्षों से उनकी जमीनों से जुड़े मामलों का समाधान नहीं हो रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।


प्रदर्शन के दौरान किसानों और प्रशासन के बीच बातचीत का प्रयास किया गया। मौके पर पहुंचे ओएसडी क्रांति शेखर और इंदु प्रकाश ने किसानों को वार्ता के लिए समझाने की कोशिश की और एसीईओ सतीश पाल के साथ चर्चा का प्रस्ताव रखा, जिसे किसानों ने प्रारंभ में अस्वीकार कर दिया। किसानों का कहना था कि संबंधित अधिकारियों की उदासीनता के कारण ही भूखंडों के मामलों में लगातार देरी हो रही है। बाद में प्रशासन ने सहमति बनाते हुए शुक्रवार शाम चार बजे सीईओ के साथ वार्ता का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त करने पर सहमति बनी।


इस पूरे घटनाक्रम में नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश के साथ होने वाली बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। किसानों ने साफ किया है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है। वहीं प्रदर्शन के दौरान पुलिस और किसानों के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली, जब टेंट लगाने को लेकर विवाद हुआ और परिसर के गेटों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा, जिससे आम लोगों को भी असुविधा हुई। अब सभी की नजरें शुक्रवार की वार्ता पर टिकी हैं, जहां इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद के समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।

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