Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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गौतमबुद्धनगर पुलिस का “ऑपरेशन अपराजेय”! दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और अधिकारों को मजबूत करने के उद्देश्य से “ऑपरेशन इनविक्टस / ऑपरेशन अपराजेय” की शुरुआत की है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव नारायण मिश्र के पर्यवेक्षण में यह विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इस अभियान के तहत जिले के प्रत्येक थाने में स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से दिव्यांग बच्चों का विस्तृत और गोपनीय रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसमें बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों और केयरटेकर की पूरी जानकारी दर्ज की जाएगी ताकि उनकी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
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गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और अधिकारों को मजबूत करने के उद्देश्य से “ऑपरेशन इनविक्टस / ऑपरेशन अपराजेय” की शुरुआत की है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव नारायण मिश्र के पर्यवेक्षण में यह विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इस अभियान के तहत जिले के प्रत्येक थाने में स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से दिव्यांग बच्चों का विस्तृत और गोपनीय रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसमें बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों और केयरटेकर की पूरी जानकारी दर्ज की जाएगी ताकि उनकी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।


इस योजना के तहत महिला बीट अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है, जो हर 15 दिन में बच्चों और उनके अभिभावकों से संपर्क कर उनकी कुशलता की जानकारी लेंगी। किसी भी आपात स्थिति में बच्चों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों और प्रशिक्षित अस्पतालों में तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही सभी बच्चों को आपातकालीन सेवाओं जैसे डायल-112 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में जागरूक किया जाएगा। पुलिस द्वारा केयरटेकर का नियमित सत्यापन भी सुनिश्चित किया जाएगा और उनकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी ताकि बच्चों की सुरक्षा में कोई चूक न हो।


अभियान के अंतर्गत प्रारंभिक चरण में 1645 विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को चिन्हित किया गया है। इनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और देखभाल के लिए अंतर-विभागीय समन्वय स्थापित किया जाएगा तथा “नेबरहुड सिक्योरिटी प्लान” भी लागू करने की तैयारी है। इस पूरे कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा) को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा, MAX हॉस्पिटल नोएडा और AMITY यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों द्वारा पुलिस कर्मियों को व्यवहारिक और सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पहल दिव्यांग बच्चों के समग्र कल्याण और उनकी गरिमापूर्ण सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।