Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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ममता बनर्जी ने भवानीपुर हार को दी हाईकोर्ट में चुनौती, शुभेंदु अधिकारी की जीत पर उठाए सवाल

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक और कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा सीट से मिली हार को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक और कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा सीट से मिली हार को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है। 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा नेता और वर्तमान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों के अंतर से हराया था। यह हार इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि भवानीपुर को ममता बनर्जी का सबसे मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता रहा है। चुनाव परिणाम आने के बाद से ही टीएमसी में असंतोष और अंदरूनी कलह देखने को मिल रही है। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जबकि विपक्ष इसे जनता के जनादेश की जीत बता रहा है।


ममता बनर्जी द्वारा दायर चुनाव याचिका में मतगणना प्रक्रिया और चुनावी रिकॉर्ड को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। याचिका में मांग की गई है कि भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े सभी चुनावी दस्तावेज, मतगणना रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) को सुरक्षित रखा जाए। ममता का कहना है कि इन साक्ष्यों को तत्काल सील किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या नष्ट किए जाने की आशंका को रोका जा सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति को और अधिक गर्मा सकता है। यदि अदालत इस मामले में सुनवाई स्वीकार करती है तो चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई अहम सवालों पर चर्चा हो सकती है।


दिलचस्प बात यह है कि ममता बनर्जी और चुनावी मुकदमेबाजी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर शुभेंदु अधिकारी से मिली हार के बाद भी उन्होंने चुनाव परिणाम को अदालत में चुनौती दी थी। उस मामले में उन्होंने मतगणना में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए पुनर्मतगणना की मांग की थी। अब 2026 में भवानीपुर से हार के बाद उन्होंने एक बार फिर कानूनी रास्ता अपनाया है। ऐसे में कलकत्ता हाईकोर्ट में ममता बनर्जी बनाम शुभेंदु अधिकारी से जुड़े दो अलग-अलग चुनावी विवाद समानांतर रूप से चर्चा का विषय बन सकते हैं। इस घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और सभी की निगाहें अब अदालत की अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं।