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ग्रेटर नोएडा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर आयोजित
ग्रेटर नोएडा में स्वच्छता और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए फीडबैक फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट ने ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) के सहयोग से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए।
- sakshi choudhary
- 16 Jul, 2026
ग्रेटर नोएडा में स्वच्छता और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए फीडबैक फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट ने ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) के सहयोग से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बल्क वेस्ट जनरेटर्स (BWGs) को ठोस कचरा प्रबंधन के नियमों, जिम्मेदारियों और व्यवहारिक उपायों के प्रति जागरूक करना था, ताकि शहर में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। बढ़ते शहरीकरण और कचरे की चुनौती को देखते हुए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नागरिकों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को स्रोत पर कचरे के पृथक्करण, जैविक और अजैविक अपशिष्ट के सही निस्तारण तथा पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन की आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
जागरूकता एवं प्रशिक्षण सत्र ग्रेटर नोएडा के विभिन्न बल्क वेस्ट जनरेटर्स में आयोजित किए गए, जिनमें श्री भारत इंटरनेशनल कंपनी, इकोटेक-12 स्थित औद्योगिक इकाई, सेक्टर-1 स्थित स्टेलर जीवन आवासीय सोसाइटी तथा सेक्टर-16C स्थित 11th एवेन्यू आवासीय सोसाइटी शामिल रहीं। इन कार्यक्रमों में संबंधित संस्थानों और आवासीय परिसरों के निवासी, प्रशासनिक अधिकारी, प्रबंधन प्रतिनिधि तथा हाउसकीपिंग स्टाफ ने सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रमुख प्रावधानों, कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण, पुनर्चक्रण की प्रक्रिया तथा संस्थागत स्तर पर अपनाई जाने वाली आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि यदि प्रत्येक संस्थान और आवासीय परिसर अपने स्तर पर कचरे का सही प्रबंधन सुनिश्चित करे, तो शहर में लैंडफिल पर दबाव कम होगा और स्वच्छ वातावरण का निर्माण संभव हो सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि स्वच्छ और सतत शहर का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकों, आवासीय सोसाइटियों, औद्योगिक इकाइयों, प्रशासन और हाउसकीपिंग स्टाफ की समान भागीदारी आवश्यक है। सभी हितधारकों से अपील की गई कि वे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 का पालन करते हुए कचरे का पृथक्करण, पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित करें। फीडबैक फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट और GNIDA की यह संयुक्त पहल ग्रेटर नोएडा को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों और आवासीय परिसरों में आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के महत्व और उनकी जिम्मेदारियों के बारे में जागरूक किया जा सके
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