किसान नेताओं की जांच के नाम पर उत्पीड़न का आरोप, बलराज भाटी बोले 'आवाज दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं....
- sakshi choudhary
- 26 Aug, 2026
भारतीय किसान यूनियन बलराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलराज भाटी ने किसान नेताओं की जांच के नाम पर कथित उत्पीड़न और दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया है। ग्रेटर नोएडा के अल्फा फर्स्ट स्थित सी-ब्लॉक, जर्नलिस्ट प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। बलराज भाटी ने कहा कि अगर किसी किसान नेता के खिलाफ वास्तविक शिकायत या आपराधिक मामला है तो कानून के मुताबिक निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन जांच के नाम पर दबाव बनाना या परिवार को परेशान करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को किसान नेताओं की आवाज दबाने के बजाय किसानों, मजदूरों और आम जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
बलराज भाटी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में किसान नेताओं के घर पुलिस भेजे जाने और उनके परिवार के सदस्यों की जानकारी जुटाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि बैंक खातों, पैन कार्ड, आधार कार्ड और अन्य व्यक्तिगत जानकारियां भी मांगी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि किसान संगठन लोकतांत्रिक तरीके से किसानों और मजदूरों की समस्याओं को सरकार तथा अधिकारियों तक पहुंचाने का काम करते हैं। भ्रष्टाचार, अधिकारियों की कथित मनमानी और किसानों के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि अगर किसान नेताओं की जांच हो रही है तो उन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, जिन पर किसानों से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और मनमानी के आरोप लगाए जा रहे हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान बलराज भाटी ने मेरठ में किसान नेताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना का भी उल्लेख किया और संबंधित अधिकारी अविनाश पांडे के खिलाफ निष्पक्ष जांच तथा नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं का कथित उत्पीड़न जारी रहा और किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो भारतीय किसान यूनियन बलराज प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर लोकतांत्रिक आंदोलन की रणनीति तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि संगठन संविधान और कानून के दायरे में रहकर किसानों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगा। प्रेस वार्ता में संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।