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Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा में खुलेगा Western Sydney University का कैंपस, दिसंबर से शुरू होगी पढ़ाई

ग्रेटर नोएडा। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शिक्षा, शोध और कौशल विकास के क्षेत्र में साझेदारी को नई दिशा देते हुए Western Sydney University ने ग्रेटर नोएडा में अपने नए कैंपस की औपचारिक घोषणा कर दी है।
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ग्रेटर नोएडा। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शिक्षा, शोध और कौशल विकास के क्षेत्र में साझेदारी को नई दिशा देते हुए Western Sydney University ने ग्रेटर नोएडा में अपने नए कैंपस की औपचारिक घोषणा कर दी है। इस कैंपस को ‘जलसेतु’ नाम दिया गया है। उत्तर प्रदेश में पहली बार किसी विदेशी विश्वविद्यालय का कैंपस ग्रेटर नोएडा में खुलने जा रहा है। सोमवार को दिल्ली स्थित नेशनल एग्रीकल्चर साइंस कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिन्स ने उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की मौजूदगी में कैंपस की घोषणा की। इसका उद्देश्य उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को शिक्षा और कौशल प्रदान करना तथा रोजगार के अवसर बढ़ाना है। ग्रेटर नोएडा में कैंपस खुलने के बाद छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा के लिए विदेश जाने की जरूरत कम होगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव, एसीईओ प्रेरणा सिंह, न्यू साउथ वेल्स के कोषाध्यक्ष डेनियल मुकी और Western Sydney University के कुलपति एवं अध्यक्ष विशिष्ट प्रोफेसर जॉर्ज विलियम्स एओ समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।


Western Sydney University की ओर से भारत में साझेदारी को और मजबूत करने के साथ महिला सशक्तीकरण, बिजनेस, डेटा, इनोवेशन और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की घोषणा की गई है। इसके लिए स्कॉलरशिप कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे, जिससे भारतीय युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा, शोध और कौशल विकास के अवसर मिल सकें। विश्वविद्यालय के कुलपति जॉर्ज विलियम्स एओ ने कहा कि भारत के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को ऐसे अवसर उपलब्ध कराना भी इसका उद्देश्य है, जिससे वे देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में योगदान दे सकें। न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिन्स ने ग्रेटर नोएडा कैंपस को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सेतु बताते हुए कहा कि इससे भारतीय छात्रों को Western Sydney University की अंतरराष्ट्रीय शिक्षा तक आसान पहुंच मिलेगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने भी विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर कैंपस के संचालन में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है। कैंपस प्राधिकरण कार्यालय परिसर के टावर-2 में स्थापित किया जा रहा है। इसके लिए विश्वविद्यालय ने तीन फ्लोर लिए हैं और इसी साल दिसंबर में कैंपस शुरू करने की तैयारी है। विश्वविद्यालय में करीब 50 हजार छात्र-छात्राएं नियमित रूप से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और Times Higher Education University Impact Rankings में इसे विश्व स्तर पर तीसरा स्थान मिला है।

कैंपस को ‘जलसेतु सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में भी विकसित किया जाएगा, जिसका फोकस उत्तर प्रदेश में जल सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के समाधान पर रहेगा। यह केंद्र शोध संस्थानों, सरकार, उद्योग और स्थानीय समुदायों को एक साझा मंच पर लाकर भूजल स्थिरता, नदियों के स्वास्थ्य, सतत सिंचाई और शहरी जल प्रबंधन जैसे विषयों पर शोध और नवाचार को बढ़ावा देगा। विश्वविद्यालय ने कैंपस की शुरुआत के साथ Sustainable Water Management में मास्टर डिग्री प्रोग्राम शुरू करने की भी घोषणा की है। इस कार्यक्रम के जरिए छात्रों को शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं, सरकारी संस्थानों, बैंकों और उद्योग जगत के विशेषज्ञों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वे जल संबंधी चुनौतियों पर व्यावहारिक शोध और समाधान विकसित कर सकें। ग्रेटर नोएडा में विदेशी विश्वविद्यालय का कैंपस शुरू होने से क्षेत्र में उच्च शिक्षा, कौशल विकास, शोध और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।