Delhi AQI Today: दिल्ली की हवा में मामूली सुधार, AQI 164 पर पहुंचा; इन इलाकों में प्रदूषण अब भी ज्यादा
- sakshi choudhary
- 26 Oct, 2026
दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर लोगों के लिए थोड़ी राहत की खबर है। सोमवार सुबह राजधानी के एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में मामूली सुधार दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 7:05 बजे दिल्ली का AQI 164 रहा। रविवार को यह 167 दर्ज किया गया था। यानी एक दिन में AQI में 3 अंकों की गिरावट आई है। हालांकि, दिल्ली के कई इलाकों में हवा अब भी खराब श्रेणी में बनी हुई है।
दिल्ली में AQI कितना रहा?
AQI यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स से पता चलता है कि हवा कितनी साफ या प्रदूषित है। दिल्ली का AQI 164 होने का मतलब है कि राजधानी की हवा मध्यम श्रेणी में है। यह अच्छी हवा नहीं मानी जाती, क्योंकि प्रदूषण का असर खासकर सांस और दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों पर पड़ सकता है।
CPCB के मानकों के अनुसार, 101 से 200 के बीच AQI मध्यम श्रेणी में आता है, जबकि 201 से 300 के बीच इसे खराब श्रेणी माना जाता है।
इन इलाकों में हवा सबसे ज्यादा खराब
दिल्ली के औसत AQI में सुधार के बावजूद कुछ इलाकों में प्रदूषण का स्तर अधिक दर्ज किया गया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार:
विवेक विहार: AQI 235
आरके पुरम: AQI 223
नरेला: AQI 217
इन तीनों इलाकों में हवा खराब श्रेणी में रही। इससे साफ है कि राजधानी के सभी इलाकों में प्रदूषण का स्तर एक जैसा नहीं है।
हवा में कौन-सा प्रदूषक सबसे ज्यादा?
दिल्ली के 60 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों में से 55 के आंकड़े उपलब्ध थे। इनमें 30 केंद्रों पर PM2.5 प्रमुख प्रदूषक रहा।
PM2.5 हवा में मौजूद बेहद छोटे कण होते हैं, जो सांस के साथ फेफड़ों के अंदर तक पहुंच सकते हैं। वहीं, PM10 में धूल और दूसरे बड़े कण शामिल होते हैं। वाहनों का धुआं, सड़कों की धूल, निर्माण कार्य, फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं और ईंधन जलाना प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं।
प्रदूषण रोकने के लिए GRAP का पहला चरण लागू
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए 21 अक्टूबर 2026 से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू किया गया है।
इसके तहत होटल, रेस्तरां और खुले स्थानों पर खाने-पीने की जगहों में तंदूर के लिए कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी जरूरी और आपातकालीन सेवाओं को ध्यान में रखते हुए पाबंदियां लगाई गई हैं।
प्रदूषण से बचने के लिए क्या करें?
प्रदूषण के बीच लोगों को अपनी सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। खासकर अस्थमा, फेफड़ों की बीमारी और दिल की समस्या से जूझ रहे लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
सड़क किनारे अधिक धूल और धुएं वाली जगहों पर लंबे समय तक रहने से बचें।
प्रदूषण ज्यादा होने पर बाहर भारी शारीरिक गतिविधियां कम करें।
जरूरत पड़ने पर अच्छी गुणवत्ता वाला, सही फिटिंग का N95 मास्क इस्तेमाल करें।
सांस लेने में परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह लें।
दिल्ली की हवा में मामूली सुधार जरूर हुआ है, लेकिन विवेक विहार, आरके पुरम और नरेला जैसे इलाकों में प्रदूषण अब भी चिंता का विषय है। इसलिए सिर्फ राजधानी के औसत AQI को देखकर यह नहीं मानना चाहिए कि हर इलाके की हवा साफ हो गई है।