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Greater Noida: PNB घोटाले में 22 से 35 करोड़ रुपये तक की कथित हेराफेरी का आरोप, सैकड़ों किसान और खाताधारक महापंचायत में जुटे
ग्रेटर नोएडा। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की ऐच्छर स्थित सेक्टर पाई-1 शाखा में करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय धोखाधड़ी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।
- sakshi choudhary
- 03 Nov, 2026
ग्रेटर नोएडा। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की ऐच्छर स्थित सेक्टर पाई-1 शाखा में करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय धोखाधड़ी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। बैंक के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए सोमवार को किसानों और पीड़ित खाताधारकों ने बैंक शाखा के बाहर महापंचायत की। किसान नेता बृजेश भाटी के नेतृत्व में आयोजित इस महापंचायत में सैकड़ों किसान, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और प्रभावित खाताधारक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई और पीड़ितों की पूरी रकम वापस कराने की मांग उठाई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि खाताधारकों को उनका पैसा वापस नहीं मिला तो बैंक शाखा पर तालाबंदी की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने बैंक शाखा को बंद कराने की कोशिश भी की, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला।
एफडी तोड़कर खातों से रकम निकालने का आरोप
इस पूरे मामले में बैंक कर्मचारियों पर ग्राहकों की जानकारी और अनुमति के बिना उनके बचत खातों से पैसे निकालने और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) समय से पहले तोड़कर रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के आरोप हैं। मामले में करीब 22 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी को लेकर महापंचायत की खबर सामने आई है, जबकि खाताधारकों का आरोप है कि कुल रकम करीब 35 करोड़ रुपये तक हो सकती है। दूसरी ओर, बैंक की शुरुआती जांच में लगभग 10.24 करोड़ रुपये के अनधिकृत लेनदेन की पहचान की गई है। बैंक ने रकम का मिलान करने की प्रक्रिया जारी होने की बात कही है। शुरुआती शिकायत सितंबर में सामने आई थी, जब एक खाताधारक ने अपनी पासबुक अपडेट कराने के दौरान खाते से संदिग्ध लेनदेन पाए। इसके बाद बैंक स्तर पर जांच शुरू हुई और मामला पुलिस तथा केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) तक पहुंच गया।
CBI कर रही जांच, बैंक कर्मचारियों की भूमिका पर उठे सवाल
बैंक की शिकायत के आधार पर CBI ने मामले में केस दर्ज किया है। जांच में बैंक की ऑफिस असिस्टेंट दीपांशी शर्मा, खाताधारक आशुतोष पाठक और कुछ अन्य अज्ञात लोगों के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि बैंक के छह अधिकारियों की कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) यूजर आईडी का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल करके ग्राहकों के खातों से रकम ट्रांसफर की गई। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे मामले में किन-किन लोगों की भूमिका रही और इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता लंबे समय तक कैसे होती रही। किसानों और खाताधारकों ने मांग की है कि केवल एक कर्मचारी को जिम्मेदार ठहराकर मामले को खत्म न किया जाए, बल्कि बैंक के तत्कालीन प्रबंधन और अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच हो। उनकी प्रमुख मांग है कि सभी पीड़ितों को उनकी जमा पूंजी ब्याज सहित वापस मिले और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।