नई दिल्ली। दिवाली का त्योहार आने से पहले ही दिल्ली-NCR की हवा की गुणवत्ता तेजी से बिगड़ने लगी है। प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, 2 नवंबर को दिल्ली का 24 घंटे का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 261 दर्ज किया गया था, जो खराब श्रेणी में आता है। इसके बाद 3 नवंबर को स्थिति और गंभीर हो गई। दिल्ली का AQI 324 तक पहुंच गया और हवा बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गई। दिवाली से पहले प्रदूषण में आई इस तेजी ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम में बदलाव, हवा की कम रफ्तार, वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और पराली जलाने की घटनाएं प्रदूषण बढ़ने के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। अनुमान है कि आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता और खराब हो सकती है।
डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कितना खतरनाक है प्रदूषण
एम्स के पूर्व निदेशक और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने प्रदूषित हवा के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों को लेकर चिंता जताई है। उनके अनुसार, वायु प्रदूषण केवल अस्थमा और सांस से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए ही खतरा नहीं है, बल्कि स्वस्थ व्यक्ति भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। प्रदूषित हवा में मौजूद बारीक कण फेफड़ों के अंदर तक पहुंचकर सूजन और सांस की नलियों में परेशानी पैदा कर सकते हैं। PM2.5 जैसे सूक्ष्म कण फेफड़ों से होते हुए रक्त प्रवाह तक पहुंच सकते हैं, जिससे हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है। लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने से सांस की बीमारियां, ब्लड प्रेशर और दिल से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से हृदय या फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
GRAP-2 लागू, लोगों को इन बातों का रखना होगा ध्यान
दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति बिगड़ने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 3 नवंबर को पूरे NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण लागू कर दिया है। इसके तहत सड़कों की मशीनों से सफाई, पानी का छिड़काव, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर निगरानी बढ़ाने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। दिल्ली मेट्रो ने भी यात्रियों की सुविधा और निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए अतिरिक्त ट्रेन यात्राएं शुरू करने की घोषणा की है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि AQI बहुत खराब होने पर सुबह और देर शाम खुले में व्यायाम करने से बचें। जरूरत पड़ने पर बाहर निकलते समय N95 मास्क का इस्तेमाल करें और घरों में खिड़कियां बंद रखें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से प्रदूषित वातावरण से दूर रखना जरूरी है। यदि सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या लगातार खांसी जैसी समस्या हो तो डॉक्टर से संपर्क करें। दिवाली के दौरान पटाखों का इस्तेमाल कम करना भी प्रदूषण को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।