ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यमुना सिटी में तेजी से बढ़ती विकास गतिविधियों का असर अब जमीन की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री से मिलने वाले राजस्व पर भी दिखाई देने लगा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती सात महीनों में ही स्टांप ड्यूटी से 327.38 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। अप्रैल से अक्टूबर 2026 तक मिले इस राजस्व के साथ ही पिछले वित्त वर्ष की कुल कमाई का बड़ा हिस्सा हासिल हो गया है। वित्त वर्ष 2025-26 में यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में जमीनों की लीज डीड से स्टांप ड्यूटी के रूप में 368.84 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। इस बार केवल सात महीनों में ही पिछले पूरे साल के राजस्व का करीब 89 प्रतिशत आंकड़ा हासिल कर लिया गया है। अधिकारियों का अनुमान है कि यदि राजस्व संग्रह की यही रफ्तार बनी रही तो वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक यह आंकड़ा 500 करोड़ रुपये के पार पहुंच सकता है।
पांच साल में 954 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व
यमुना प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में जमीनों की रजिस्ट्री और लीज डीड से मिलने वाली स्टांप ड्यूटी में लगातार बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2021-22 में 37.80 करोड़ रुपये, 2022-23 में 55.86 करोड़ रुपये, 2023-24 में 68.63 करोड़ रुपये और 2024-25 में 95.87 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इसके बाद 2025-26 में यह बढ़कर 368.84 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, चालू वित्त वर्ष में अक्टूबर तक 327.38 करोड़ रुपये का राजस्व मिल चुका है। प्राधिकरण के अनुसार, 1 अप्रैल 2021 से 31 अक्टूबर 2026 तक कुल 954.38 करोड़ रुपये से अधिक की स्टांप ड्यूटी प्राप्त हुई है। यह आंकड़ा यमुना क्षेत्र में बढ़ती आवासीय, औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को दर्शाता है। आवंटियों की ओर से भूखंडों की लीज डीड कराने की प्रक्रिया तेज होने से रजिस्ट्री संबंधी राजस्व में भी बढ़ोतरी हुई है।
एयरपोर्ट और औद्योगिक परियोजनाओं से बढ़ी जमीन की मांग
यमुना सिटी में जमीन की मांग बढ़ने के पीछे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक प्रमुख वजह माना जा रहा है। एयरपोर्ट के आसपास सड़क और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ मेडिकल डिवाइस पार्क, फिल्म सिटी, औद्योगिक क्लस्टर, लॉजिस्टिक हब और आवासीय सेक्टर जैसी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं के कारण क्षेत्र में निवेशकों, कंपनियों और आम खरीदारों की रुचि बढ़ी है। यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह के अनुसार, प्राधिकरण क्षेत्र में विकास और निवेश गतिविधियों के विस्तार के साथ राजस्व संग्रह में भी तेजी आई है। उनका कहना है कि एक अप्रैल 2021 से 31 अक्टूबर 2026 तक स्टांप ड्यूटी के रूप में 954 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई है। चालू वित्त वर्ष के सात महीनों में 327.38 करोड़ रुपये का राजस्व मिलना इस बढ़ती गतिविधि का संकेत है। अब प्राधिकरण की नजर वित्त वर्ष के अंत तक 500 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने पर है।