Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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यूपी पुलिस को मिले 4, 543 नए सब-इंस्पेक्टर, सीएम योगी बोले- अब भाई-भतीजावाद नहीं, 25 करोड़ जनता ही परिवार

उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को 4,543 नवचयनित उपनिरीक्षकों (सब-इंस्पेक्टर) को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।
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उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को 4,543 नवचयनित उपनिरीक्षकों (सब-इंस्पेक्टर) को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब भाई-भतीजावाद और सिफारिश के आधार पर नौकरी नहीं मिलेगी। सरकार के लिए प्रदेश की 25 करोड़ जनता ही परिवार है और युवाओं को उनकी योग्यता व मेरिट के आधार पर अवसर दिया जाएगा।


मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले भर्ती प्रक्रिया में ऐसी स्थिति थी कि आवेदन कोई करता था, परीक्षा कोई दूसरा देता था और नौकरी किसी तीसरे व्यक्ति को मिल जाती थी। भर्ती के नाम पर सैफई सिंडिकेट का बोलबाला था। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद सरकार ने चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने नवचयनित अभ्यर्थियों से यह भी पूछा कि क्या चयन के लिए उन्हें किसी की सिफारिश की जरूरत पड़ी, किसी ने पैसे मांगे या किसी ने दबाव बनाकर नियुक्ति पाने की कोशिश की।

साढ़े नौ साल में 9.5 लाख से अधिक सरकारी भर्तियों का दावा


सीएम योगी ने बताया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में 9.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। अकेले पुलिस विभाग में 2.30 लाख से अधिक पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की भर्ती हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने छह महीने में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का संकल्प लिया है और इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, 42 हजार होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 32 हजार कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी पूरी कर सत्यापन का काम चल रहा है। इसके अलावा राजस्व विभाग के 1,200 से अधिक अभ्यर्थियों को भैयादूज के अगले दिन नियुक्ति पत्र दिए जाने की योजना है। लगभग 25 हजार शिक्षकों के नियुक्ति पत्र वितरण के लिए भी समय मांगा गया है। उन्होंने कहा कि दीपावली के बाद भी नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम जारी रहेंगे।

पुलिस व्यवस्था में बदलाव और आधुनिक प्रशिक्षण पर जोर


मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में कर्मचारियों को वेतन देने तक के लिए संसाधनों की कमी थी, जबकि आज सरकार की वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने महिला सुरक्षा और रोजगार के अवसरों में हुए बदलाव का भी उल्लेख किया। लखनऊ के एचसीएल टेक परिसर का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां कर्मचारियों की संख्या 2017 के लगभग 100 से बढ़कर अब 12,500 हो गई है। नई सुविधाओं से छह हजार और रोजगार मिलने की संभावना है।

पुलिस विभाग में किए गए सुधारों का जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि प्रदेश के 56 जिलों में आधुनिक बहुमंजिला आवासीय भवन बनाए गए हैं। पुलिस प्रशिक्षण की क्षमता बढ़ाकर एक साथ 60 हजार प्रशिक्षुओं तक पहुंचाई गई है। पहले प्रदेश में केवल दो साइबर थाने थे, जबकि अब हर जिले में साइबर थाना और प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क है। सात जनपदों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई है। यूपी स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स और यूपी एसडीआरएफ का गठन भी किया गया है।

गरीब के प्रति संवेदना, अपराधियों के खिलाफ सख्ती जरूरी


नवचयनित उपनिरीक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस का व्यवहार गरीब, पीड़ित और वंचित लोगों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए, जबकि अपराधियों और माफिया के खिलाफ सख्ती बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी है।

सीएम ने बताया कि नए उपनिरीक्षकों को पारंपरिक पुलिस प्रशिक्षण के साथ तीन नए आपराधिक कानूनों, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन तकनीक की भी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभाएं और उत्तर प्रदेश पुलिस को आमजन के विश्वास का प्रतीक बनाएं।

कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक राजेश्वर सिंह, डॉ. नीरज बोरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण और अपर पुलिस महानिदेशक अमिताभ यश मौजूद रहे।