Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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Bihar Election 2025: भाजपा को मिली ऐतिहासिक बढ़त, नीतीश कुमार के बिना भी बन सकती है सरकार

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव संकेत दे दिया है। दो चरणों, 6 और 11 नवंबर में हुए मतदान के बाद सामने आए रुझानों में एनडीए को अप्रत्याशित बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। ताज़ा ट्रेंड्स के मुताबिक, एनडीए गठबंधन 243 में से 208 सीटों पर आगे है, जिससे यह तय माना जा रहा है कि राज्य में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने जा रही है। खास बात यह है कि पहली बार ऐसा संभव होता दिख रहा है कि भाजपा, नीतीश कुमार की जदयू के समर्थन के बिना ही सरकार बना लेगी। बहुमत के लिए आवश्यक 122 सीटों का आंकड़ा एनडीए ने रुझानों में आराम से पार कर लिया है।
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Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव संकेत दे दिया है। दो चरणों, 6 और 11 नवंबर में हुए मतदान के बाद सामने आए रुझानों में एनडीए को अप्रत्याशित बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। ताज़ा ट्रेंड्स के मुताबिक, एनडीए गठबंधन 243 में से 208 सीटों पर आगे है, जिससे यह तय माना जा रहा है कि राज्य में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने जा रही है। खास बात यह है कि पहली बार ऐसा संभव होता दिख रहा है कि भाजपा, नीतीश कुमार की जदयू के समर्थन के बिना ही सरकार बना लेगी। बहुमत के लिए आवश्यक 122 सीटों का आंकड़ा एनडीए ने रुझानों में आराम से पार कर लिया है।


रुझानों के अनुसार भाजपा 95 सीटों पर आगे है, जबकि जदयू 84 सीटों तक पहुंचती दिख रही है। लोजपा (रामविलास) 19, हम तीन और रालोमो दो सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। यदि केवल भाजपा के राजनीतिक समीकरण को देखें, तो भाजपा 95 सीटों के साथ पहले ही मजबूत स्थिति में है। रालोमो और हम के समर्थन से यह आंकड़ा 100 तक पहुंच जाता है। ऐसे में चिराग पासवान की लोजपा (आर) की 19 सीटों का साथ भाजपा को 119 पर ले आता है। यदि लोजपा (आर) तीन सीटें और जीत जाती है, तो 122 के बहुमत के आंकड़े को भाजपा बिना जदयू के भी हासिल कर लेगी। यही कारण है कि राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि क्या बिहार का अगला मुख्यमंत्री भाजपा से होगा और क्या यह कार्यकाल नीतीश कुमार के बिना शुरू होगा।


वहीं, महागठबंधन की स्थिति बेहद कमजोर दिख रही है। रुझानों के अनुसार, महागठबंधन केवल 28 सीटों पर आगे है, जिसमें राजद 24, कांग्रेस दो और वामदल दो सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। ओवैसी की एआईएमआईएम छह सीटों पर आगे है, जबकि अन्य श्रेणी की एक सीट पर बढ़त देखी जा रही है। इस परिणाम ने विपक्ष की उम्मीदों को झटका दिया है और बिहार की राजनीति में भाजपा को सबसे बड़े खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर दिया है। राज्य में नई सत्ता-गणित और नेतृत्व को लेकर अब चर्चा पूरे उफान पर है।