Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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मेरठ में सपा की चुनावी तैयारी तेज, पुराने दिग्गज बनाम नए चेहरे, टिकट को लेकर घमासान

मिशन 2027 को ध्यान में रखते हुए अखिलेश यादव की अगुवाई में समाजवादी पार्टी मेरठ की सातों विधानसभा सीटों पर रणनीति बनाने में जुट गई है। इस बार पार्टी पुराने दिग्गजों के साथ नए चेहरों को भी मौका देने की तैयारी में है, जिससे टिकट के लिए जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। मेरठ शहर सीट पर मौजूदा विधायक रफीक अंसारी मजबूत दावेदार हैं, जबकि नोमान मुर्तजा भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। वहीं, सरधना सीट से अतुल प्रधान का टिकट लगभग तय माना जा रहा है।
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मिशन 2027 को ध्यान में रखते हुए अखिलेश यादव की अगुवाई में समाजवादी पार्टी मेरठ की सातों विधानसभा सीटों पर रणनीति बनाने में जुट गई है। इस बार पार्टी पुराने दिग्गजों के साथ नए चेहरों को भी मौका देने की तैयारी में है, जिससे टिकट के लिए जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। मेरठ शहर सीट पर मौजूदा विधायक रफीक अंसारी मजबूत दावेदार हैं, जबकि नोमान मुर्तजा भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। वहीं, सरधना सीट से अतुल प्रधान का टिकट लगभग तय माना जा रहा है।


मेरठ दक्षिण और हस्तिनापुर सीटों पर मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। मेरठ दक्षिण में हाजी आदिल चौधरी के साथ कई नए दावेदार मैदान में हैं, जबकि हस्तिनापुर में योगेश वर्मा के अलावा प्रभुदयाल वाल्मीकि और प्रशांत गौतम भी टिकट की दौड़ में शामिल हैं। किठौर सीट पर शाहिद मंजूर की स्थिति मजबूत है, लेकिन बाबर चौहान चुनौती दे सकते हैं। सिवालखास और मेरठ कैंट सीट पर गठबंधन और उम्मीदवार चयन को लेकर असमंजस बना हुआ है, जिससे पार्टी के भीतर मंथन जारी है।


सपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती टिकट वितरण को लेकर संतुलन बनाना है। पुराने नेताओं और नए चेहरों के बीच संतुलन, पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूले का सही इस्तेमाल और संभावित भितरघात को रोकना पार्टी के लिए अहम होगा। 2022 के चुनावों में कई सीटों पर करीबी मुकाबले के बाद सपा को उम्मीद है कि इस बार बेहतर रणनीति के साथ वह मेरठ में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकती है।