Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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Akhilesh Yadav का बड़ा बयान! 2027 चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन ‘जीत के आधार’ पर तय होगा, विपक्ष के 10 चेहरे गिनाए

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने अमर उजाला संवाद 2026 में विपक्षी गठबंधन और कांग्रेस के साथ संभावित साझेदारी को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि गठबंधन का फैसला सीटों के आधार पर नहीं बल्कि “जीत की संभावना” के आधार पर होगा। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि सपा अपने पुराने अनुभवों के आधार पर चुनावी रणनीति तैयार कर रही है और फिलहाल सभी विकल्प खुले रखे गए हैं।
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उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने अमर उजाला संवाद 2026 में विपक्षी गठबंधन और कांग्रेस के साथ संभावित साझेदारी को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि गठबंधन का फैसला सीटों के आधार पर नहीं बल्कि “जीत की संभावना” के आधार पर होगा। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि सपा अपने पुराने अनुभवों के आधार पर चुनावी रणनीति तैयार कर रही है और फिलहाल सभी विकल्प खुले रखे गए हैं।


अखिलेश यादव ने कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर कहा कि पिछले चुनावों में दोनों दलों ने मिलकर अच्छा प्रदर्शन किया था और आगे भी परिस्थितियों के अनुसार गठबंधन संभव है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्ष का कोई एक चेहरा नहीं है, बल्कि महंगाई, बेरोजगारी, नीट परीक्षा विवाद, अग्निवीर योजना और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दे ही असली विपक्ष हैं। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है और जनता अब बदलाव चाहती है। इस दौरान उन्होंने विपक्षी ताकतों को “पीड़ित वर्गों की आवाज” बताते हुए नया राजनीतिक नैरेटिव पेश किया।


अपने बयान में उन्होंने 10 प्रमुख चेहरों और मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष एक व्यक्ति नहीं बल्कि जनता के संघर्षों का प्रतिनिधित्व है। इसके अलावा उन्होंने रैपिड फायर राउंड में हल्के-फुल्के अंदाज में मुगल-ए-आजम देखने से लेकर भंडारे में भोजन करने तक कई जवाब दिए, जिससे उनका अलग राजनीतिक अंदाज भी सामने आया। कुल मिलाकर, सपा प्रमुख का यह बयान 2027 चुनाव से पहले यूपी की राजनीति में नए समीकरणों और संभावित गठबंधनों की ओर इशारा करता है।