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Greater Noida Authority: ग्रेटर नोएडा में स्ट्रीट लाइट की बदहाली! सूर्या कंपनी की मनमानी और प्राधिकरण की लापरवाही से गांवों में अंधेरा
Greater Noida Authority: ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) के बिजली विभाग द्वारा शहर को रोशनी से जगमग करने के लिए नई-नई योजनाएं लाई जा रही हैं और सैकड़ों करोड़ रुपये के टेंडर निकाले जा रहे हैं।
- sakshi choudhary
- 16 Jul, 2025
Greater Noida Authority: ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) के बिजली विभाग द्वारा शहर को रोशनी से जगमग करने के लिए नई-नई योजनाएं लाई जा रही हैं और सैकड़ों करोड़ रुपये के टेंडर निकाले जा रहे हैं। बावजूद इसके, शहर की सड़कों, खासकर ग्रामीण इलाकों में अंधेरा छाया हुआ है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव का जिम्मा संभाल रही सूर्या कंपनी अपनी मनमानी कर रही है, जिसके चलते प्राधिकरण की छवि भी खराब हो रही है।
Greater Noida Authority: गांवों में स्ट्रीट लाइटों की बदहाल स्थिति
ग्रेटर नोएडा के ग्रामीण क्षेत्रों, जैसे तिलपता, सैनी, सुनपुरा, खेड़ी और भनौता जैसे गांवों में आधी से ज्यादा स्ट्रीट लाइटें या तो खराब हैं या फिर पोल पर लाइट ही नहीं लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय अंधेरे के कारण आवागमन में दिक्कत होती है और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। एक स्थानीय निवासी, दिनेश सिंह, ने बताया, "रात में गांव की सड़कों पर चलना मुश्किल हो जाता है। स्ट्रीट लाइटें महीनों से बंद पड़ी हैं, लेकिन न तो कंपनी और न ही Greater Noida Authority इसकी सुध ले रहा है।"
सूर्या कंपनी पर मनमानी का आरोप
शहर की सभी स्ट्रीट लाइटों का रखरखाव और संचालन सूर्या कंपनी के पास है। आरोप है कि कंपनी करोड़ों रुपये लेने के बावजूद अपने कार्य को पूरा नहीं कर रही। सूत्रों के अनुसार, प्रत्येक स्ट्रीट लाइट के रखरखाव के लिए कंपनी को भारी-भरकम राशि दी जाती है, लेकिन गांवों में स्ट्रीट लाइटों की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। ग्रेटर नोएडा के लोगों का कहना है कि "यह एक कंपनी की मोनोपोली का नतीजा है। सूर्या कंपनी को बिना किसी प्रतिस्पर्धा के टेंडर मिल रहे हैं, जिसके चलते वह जवाबदेही से बच रही है।"
शहर को आधुनिक बनाने के लिए प्राधिकरण ने उठाए ये कदम
ग्रेटर नोएडा को आधुनिक और औद्योगिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए Greater Noida Authority द्वारा भारी-भरकम बजट और योजनाएं बनाई जा रही हैं, लेकिन गांवों में अंधेरे की स्थिति प्राधिकरण की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाती है। सूर्या कंपनी की मनमानी और प्राधिकरण की निष्क्रियता के चलते शहर की सड़कों पर रोशनी का वादा अधूरा रह गया है। अब देखना यह है कि प्राधिकरण इस मुद्दे पर क्या कदम उठाता है और क्या ग्रेटर नोएडा के गांव रोशनी से जगमग होंगे।
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