Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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UP Politics: मायावती ने आकाश आनंद से छीनी बड़ी जिम्मेदारी, कहा- अभी राजनीतिक रूप से अपरिपक्व

बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद की राजनीतिक भूमिका को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी की बड़ी जिम्मेदारी से दूर रखने का फैसला करते हुए कहा कि वह अभी राजनीतिक रूप से पूरी तरह परिपक्व नहीं हैं।
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बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद की राजनीतिक भूमिका को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी की बड़ी जिम्मेदारी से दूर रखने का फैसला करते हुए कहा कि वह अभी राजनीतिक रूप से पूरी तरह परिपक्व नहीं हैं। मायावती के इस फैसले के बाद आकाश आनंद अब बसपा में राष्ट्रीय संयोजक के पद पर नहीं रहेंगे और उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर भी बदलाव किया है। अब उनकी पहचान राष्ट्रीय संयोजक के बजाय सिर्फ ‘बसपा कार्यकर्ता’ के तौर पर दिखाई दे रही है। इस घटनाक्रम से आकाश आनंद के समर्थकों में निराशा देखी जा रही है। मायावती ने कहा कि पार्टी में आकाश आनंद को फिलहाल केवल संगठन के लिए काम करने की अनुमति दी गई है और उन्हें किसी बड़ी जिम्मेदारी या पद से दूर रखा जाएगा।


मायावती ने अपने फैसले के पीछे मान्यवर कांशीराम के सिद्धांतों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने अपने परिवार के लोगों को पार्टी के कार्यों में शामिल होने की अनुमति तो दी थी, लेकिन चुनाव लड़ाने या बड़े पद देने के पक्ष में नहीं थे। मायावती ने कहा कि वह भी इसी सिद्धांत और संकल्प के साथ आगे बढ़ रही हैं। उनके मुताबिक, आकाश आनंद को अभी और राजनीतिक परिपक्वता हासिल करने की जरूरत है। मायावती ने आशंका जताई कि विरोधी दल चुनाव के दौरान साम, दाम, दंड और भेद जैसे राजनीतिक हथकंडों का इस्तेमाल कर सकते हैं और अनुभव की कमी के कारण पार्टी को चुनावी नुकसान हो सकता है। ऐसे में उन्होंने संगठन और पार्टी के हित को ध्यान में रखते हुए आकाश आनंद को फिलहाल बड़ी जिम्मेदारी से अलग रखने का फैसला किया है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं और बसपा अपने संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।


मायावती ने लखनऊ में आयोजित बसपा की महत्वपूर्ण बैठक में संगठन को मजबूत करने और ज्वलंत मुद्दों पर पार्टी का रुख स्पष्ट करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने पदाधिकारियों से पिछले कार्यों की समीक्षा करने और संगठन की कमियों को दूर करने को कहा। बैठक में मायावती ने बहुजन आंदोलन, सत्ता हासिल करने की जरूरत और कांशीराम के संघर्षों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शोषित वर्ग को शासक वर्ग बनाना बहुजन आंदोलन का प्रमुख लक्ष्य है और इसके लिए सत्ता हासिल करना जरूरी है। इसके अलावा उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे में दिए गए बयानों का भी जिक्र किया और संघ की कथनी-करनी में अंतर होने का आरोप लगाया। मायावती ने आरक्षण, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और महिला अधिकारों जैसे मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। अब आकाश आनंद को लेकर मायावती के ताजा फैसले के बाद यह देखना अहम होगा कि 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में बसपा की रणनीति और आकाश आनंद की भूमिका किस दिशा में आगे बढ़ती है।