Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● ग्रेटर नोएडा के तिलपता में जलभराव और जाम से परेशान ग्रामीण, 20 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना ● मेरठ सेंट्रल मार्केट में चला बुलडोजर, आंखों के सामने उजड़ती दुकानें देख रोए व्यापारी ● PM मोदी का 76वां जन्मदिन: वडनगर से वाराणसी तक बाइक रैली, देशभर में हुए कार्यक्रम ● इंदर प्रधान पल्ला फिर बने सपा जिलाध्यक्ष, कार्यकर्ताओं ने दी बधाई ● ग्रेटर नोएडा का शहीद विजय सिंह पथिक खेल परिसर 3 हजार LED लाइट से होगा रोशन ● ग्रेटर नोएडा में घर से लापता युवक का मिला शव, पत्नी से झगड़े के बाद निकला था राजीव ● नोएडा में किसानों की महापंचायत, राकेश टिकैत बोले- मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन ● दिशा सालियान केस: आदित्य ठाकरे ने तोड़ी चुप्पी, बोले- ‘मैं उनसे कभी नहीं मिला’ ● यूपी में पूर्व अग्निवीरों को 20 फीसद आरक्षण, परिवहन और कारागार विभाग की भर्ती में मिलेगा लाभ ● ग्रेटर नोएडा की 100 से अधिक सोसायटियों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट, जल्द जारी होंगे नोटिस

अविमुक्तेश्वरानंद ने ब्रजेश पाठक के 101 बटुक पूजन पर साधा निशाना, माघ मेले घटना का पाप नहीं धुल सकता

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक द्वारा 101 बटुकों का पूजन करने पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री ने बटुकों को अंगवस्त्रम और तिलक लगाकर सम्मानित किया, लेकिन इससे प्रयागराज में माघ मेले में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना का पाप नहीं धुल सकता। शंकराचार्य ने इसे राजनीति करार देते हुए कहा कि वास्तविक पीड़ित बटुक की चोटी खींची गई थी, जबकि प्रशासन ने केवल अपने पसंद के बटुकों को बुलाकर चंदन और पुष्पवर्षा की। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक द्वारा 101 बटुकों का पूजन करने पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री ने बटुकों को अंगवस्त्रम और तिलक लगाकर सम्मानित किया, लेकिन इससे प्रयागराज में माघ मेले में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना का पाप नहीं धुल सकता। शंकराचार्य ने इसे राजनीति करार देते हुए कहा कि वास्तविक पीड़ित बटुक की चोटी खींची गई थी, जबकि प्रशासन ने केवल अपने पसंद के बटुकों को बुलाकर चंदन और पुष्पवर्षा की। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक द्वारा 101 बटुकों का पूजन करने पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री ने बटुकों को अंगवस्त्रम और तिलक लगाकर सम्मानित किया, लेकिन इससे प्रयागराज में माघ मेले में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना का पाप नहीं धुल सकता। शंकराचार्य ने इसे राजनीति करार देते हुए कहा कि वास्तविक पीड़ित बटुक की चोटी खींची गई थी, जबकि प्रशासन ने केवल अपने पसंद के बटुकों को बुलाकर चंदन और पुष्पवर्षा की।
top-news

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक द्वारा 101 बटुकों का पूजन करने पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री ने बटुकों को अंगवस्त्रम और तिलक लगाकर सम्मानित किया, लेकिन इससे प्रयागराज में माघ मेले में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना का पाप नहीं धुल सकता। शंकराचार्य ने इसे राजनीति करार देते हुए कहा कि वास्तविक पीड़ित बटुक की चोटी खींची गई थी, जबकि प्रशासन ने केवल अपने पसंद के बटुकों को बुलाकर चंदन और पुष्पवर्षा की।


अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट किया कि यह पूजा कोई वास्तविक कार्रवाई नहीं है बल्कि केवल राजनीतिक शोभा है। उन्होंने 11 मार्च को लखनऊ जाकर 20 दिन के अल्टीमेटम के बाद निष्कर्ष घोषित करने की बात कही। साथ ही गोरक्षा को लेकर साधु-संतों और सनातनियों के साथ प्रदेश सरकार की स्पष्ट नीति की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा के 100 से अधिक कार्यकर्ता और पूर्व विधायक भी उनकी शरण में आ रहे हैं क्योंकि उन्हें सरकार की मंशा पर भरोसा नहीं है।


शंकराचार्य ने यूपी सरकार पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि न्याय की उम्मीद भाजपा सरकार में नहीं है। उन्होंने राजनीतिक हथकंडों से सनातन परंपरा और वास्तविक पीड़ितों की भावनाओं का ध्यान न देने की निंदा की। उनका कहना है कि केवल बटुकों पर पुष्पवर्षा करने या तिलक लगाने से घटना का पाप नहीं मिटाया जा सकता।