Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● मेरठ सेंट्रल मार्केट में चला बुलडोजर, आंखों के सामने उजड़ती दुकानें देख रोए व्यापारी ● PM मोदी का 76वां जन्मदिन: वडनगर से वाराणसी तक बाइक रैली, देशभर में हुए कार्यक्रम ● इंदर प्रधान पल्ला फिर बने सपा जिलाध्यक्ष, कार्यकर्ताओं ने दी बधाई ● ग्रेटर नोएडा का शहीद विजय सिंह पथिक खेल परिसर 3 हजार LED लाइट से होगा रोशन ● ग्रेटर नोएडा में घर से लापता युवक का मिला शव, पत्नी से झगड़े के बाद निकला था राजीव ● नोएडा में किसानों की महापंचायत, राकेश टिकैत बोले- मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन ● दिशा सालियान केस: आदित्य ठाकरे ने तोड़ी चुप्पी, बोले- ‘मैं उनसे कभी नहीं मिला’ ● यूपी में पूर्व अग्निवीरों को 20 फीसद आरक्षण, परिवहन और कारागार विभाग की भर्ती में मिलेगा लाभ ● ग्रेटर नोएडा की 100 से अधिक सोसायटियों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट, जल्द जारी होंगे नोटिस ● ग्रेटर नोएडा: विकास और रोजगार की नई राह खुलेगी, 7 गांवों में किसानों से संवाद

यूपी में बड़ा सियासी फेरबदल तय! 10 मई को मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार, राज्य में लंबे समय से प्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार 10 मई को हो सकता है। इस संभावित विस्तार से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार शाम 6 बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात करेंगे, जिसे बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद ही नए मंत्रियों के नामों पर अंतिम मुहर लग सकती है। वर्तमान में यूपी मंत्रिमंडल में 54 मंत्री हैं, जबकि संवैधानिक रूप से अधिकतम 60 मंत्रियों की अनुमति है, ऐसे में छह पद खाली पड़े हैं जिन्हें इस विस्तार में भरा जा सकता है।
top-news

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार, राज्य में लंबे समय से प्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार 10 मई को हो सकता है। इस संभावित विस्तार से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार शाम 6 बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात करेंगे, जिसे बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद ही नए मंत्रियों के नामों पर अंतिम मुहर लग सकती है। वर्तमान में यूपी मंत्रिमंडल में 54 मंत्री हैं, जबकि संवैधानिक रूप से अधिकतम 60 मंत्रियों की अनुमति है, ऐसे में छह पद खाली पड़े हैं जिन्हें इस विस्तार में भरा जा सकता है।


सूत्रों के मुताबिक जिन छह विधायकों को मंत्री बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है, उनमें कृष्णा पासवान, पूजा पाल, मनोज पांडेय, भूपेंद्र चौधरी, अशोक कटारिया और रोमी साहनी के नाम शामिल हैं। इन नामों को सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस विस्तार में जातीय समीकरण, संगठनात्मक संतुलन और आगामी राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए चयन किया गया है। खासकर पूजा पाल और कृष्णा पासवान जैसे नामों को शामिल किए जाने की चर्चा ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।


अगर यह मंत्रिमंडल विस्तार तय समय पर होता है, तो यह योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम माना जाएगा। इससे न केवल सरकार की प्रशासनिक क्षमता को मजबूती मिलेगी, बल्कि आगामी चुनावों के लिए भी राजनीतिक संदेश दिया जाएगा। बीजेपी संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की कोशिश के रूप में भी इसे देखा जा रहा है। अब सभी की नजरें 10 मई पर टिकी हैं, जब यह साफ होगा कि किन चेहरों को योगी कैबिनेट में जगह मिलती है और किसे नई जिम्मेदारी सौंपी जाती है।