Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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यूपी पुलिस में सख्ती! वर्दी में रील बनाने वालों पर गिरेगी गाज, ADG अमिताभ यश का बड़ा आदेश

उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोशल मीडिया के बढ़ते दुरुपयोग पर अब कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया है। वर्दी पहनकर रील बनाने, विवादित वीडियो पोस्ट करने और आपत्तिजनक कंटेंट शेयर करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ अब सीधे विभागीय कार्रवाई की जाएगी। कानून-व्यवस्था के एडीजी अमिताभ यश की ओर से जारी इस आदेश को डीजीपी स्तर पर मंजूरी मिलने के बाद पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है। पुलिस विभाग की सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 के तहत पहले भी स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी ऐसा कंटेंट पोस्ट नहीं करेगा जिससे पुलिस विभाग की छवि धूमिल हो, लेकिन लगातार सामने आ रहे मामलों ने विभाग की चिंता बढ़ा दी थी।
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उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोशल मीडिया के बढ़ते दुरुपयोग पर अब कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया है। वर्दी पहनकर रील बनाने, विवादित वीडियो पोस्ट करने और आपत्तिजनक कंटेंट शेयर करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ अब सीधे विभागीय कार्रवाई की जाएगी। कानून-व्यवस्था के एडीजी अमिताभ यश की ओर से जारी इस आदेश को डीजीपी स्तर पर मंजूरी मिलने के बाद पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है। पुलिस विभाग की सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 के तहत पहले भी स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी ऐसा कंटेंट पोस्ट नहीं करेगा जिससे पुलिस विभाग की छवि धूमिल हो, लेकिन लगातार सामने आ रहे मामलों ने विभाग की चिंता बढ़ा दी थी।


नए आदेश में साफ कहा गया है कि सोशल मीडिया नियमों का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान कर तुरंत कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही हर जिले और यूनिट को ऐसे मामलों की मासिक रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक पोस्ट, वीडियो या रील का रिकॉर्ड और स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखा जाए ताकि जांच के दौरान साक्ष्य उपलब्ध रहें। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि सोशल मीडिया पर अनुशासनहीन गतिविधियों से न सिर्फ सरकारी कार्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि जनता के बीच पुलिस विभाग की विश्वसनीयता और गरिमा पर भी असर पड़ रहा है। हाल के दिनों में कई ऐसे वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें पुलिसकर्मी वर्दी में फिल्मी गानों पर रील बनाते या विवादित बयान देते दिखाई दिए थे।


प्रदेश पुलिस के इस फैसले को अनुशासन और पेशेवर छवि बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पुलिसकर्मियों को अपनी जिम्मेदारी और वर्दी की गरिमा का ध्यान रखना होगा। सोशल मीडिया का इस्तेमाल व्यक्तिगत प्रचार या विवादित गतिविधियों के लिए नहीं किया जा सकता। अब पुलिस विभाग सोशल मीडिया गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखेगा और नियम तोड़ने वालों पर बिना देरी कार्रवाई की जाएगी। माना जा रहा है कि इस सख्ती के बाद पुलिसकर्मी सोशल मीडिया पर ज्यादा सतर्क नजर आएंगे और विभाग की छवि सुधारने में मदद मिलेगी।