नई दिल्ली। मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए NEET PG प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार की ओर से गठित विशेषज्ञ समिति ने पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए मौजूदा पर्सेंटाइल आधारित क्वालिफाइंग सिस्टम की जगह रैंक आधारित व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव दिया है। इस बदलाव का उद्देश्य मेडिकल पीजी प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। प्रस्ताव के अनुसार, NEET PG और NEET SS परीक्षाओं में उम्मीदवारों की पात्रता तय करने के लिए पर्सेंटाइल की जगह रैंक को आधार बनाया जा सकता है। विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, यह नई व्यवस्था वर्ष 2027 से लागू करने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, अभी इसे अंतिम मंजूरी नहीं मिली है और इसके लिए संबंधित नियमों एवं विनियमों को तैयार किया जाना बाकी है।
कटऑफ में भारी कटौती के बाद उठा था विवाद
दरअसल, NEET PG 2025-26 की काउंसलिंग के दौरान क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल में की गई भारी कटौती के बाद यह मामला चर्चा में आया था। जनवरी 2026 में तीसरे राउंड की काउंसलिंग के लिए सामान्य और ईडब्ल्यूएस वर्ग का कटऑफ 50वें पर्सेंटाइल से घटाकर 7वें पर्सेंटाइल कर दिया गया था। वहीं सामान्य वर्ग के दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए इसे 45वें से घटाकर 5वें पर्सेंटाइल और एससी, एसटी तथा ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 40वें से घटाकर शून्य पर्सेंटाइल किया गया था। इस फैसले के बाद मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता और प्रवेश के मानकों को लेकर सवाल उठे। दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने दलील दी थी कि देशभर में बड़ी संख्या में पीजी मेडिकल सीटें खाली रह रही थीं, इसलिए अधिक उम्मीदवारों को काउंसलिंग में शामिल करने के लिए कटऑफ कम करना जरूरी था। इसी विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केंद्र ने 23 जुलाई 2026 को 12 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया था। समिति को मौजूदा प्रवेश व्यवस्था का ऑडिट करने, खामियों की पहचान करने और सुधार के व्यावहारिक सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट में पेश हुई रिपोर्ट, अभी अंतिम फैसले का इंतजार
3 नवंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट अदालत के सामने रखी गई। रिपोर्ट में NEET PG और NEET SS के लिए पर्सेंटाइल आधारित क्वालिफाइंग व्यवस्था को रैंक आधारित सिस्टम से बदलने की सिफारिश की गई है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने भी इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। हालांकि, अदालत ने रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए संबंधित पक्षों के वकीलों को इसकी प्रतियां उपलब्ध कराने और अपनी प्रतिक्रिया दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। इसका मतलब है कि अभी नई व्यवस्था लागू होने की तारीख या अंतिम नियम तय नहीं हुए हैं। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो मेडिकल पीजी में दाखिले के लिए उम्मीदवारों की पात्रता तय करने का तरीका बदल सकता है। इससे भविष्य में कटऑफ में बार-बार बदलाव और खाली सीटों को लेकर होने वाले विवादों पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल NEET PG 2027 की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना चाहिए।