Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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जीएसटी अधिकारी बनकर 29 लाख की ठगी, बिसरख पुलिस ने 5 आरोपियों को दबोचा

ग्रेटर नोएडा में जीएसटी अधिकारी बनकर एक जीएसटी कंसलटेंट से 29 लाख रुपये वसूलने वाले गिरोह का बिसरख पुलिस ने पर्दाफाश किया है।
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ग्रेटर नोएडा में जीएसटी अधिकारी बनकर एक जीएसटी कंसलटेंट से 29 लाख रुपये वसूलने वाले गिरोह का बिसरख पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटा गया पूरा पैसा बरामद कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से 24.50 लाख रुपये नकद और 4.50 लाख रुपये से खरीदी गई सोने की चेन, चांदी का कड़ा और अंगूठी बरामद हुई है। पुलिस के मुताबिक, 20 जुलाई 2026 को पीड़ित अपनी कार से पालतू डॉग और लैपटॉप लेकर निकले थे। एस एस्पायर सोसायटी के पास आरोपियों ने उनकी कार रोककर खुद को जीएसटी अधिकारी बताया और दो फर्मों के फर्जी ई-वे बिल के सत्यापन के नाम पर उन्हें ब्लैकमेल किया। आरोपियों ने जीएसटी मामले में जेल भेजने की धमकी देकर पीड़ित से 29 लाख रुपये वसूल लिए थे।


मामले की जांच के दौरान बिसरख पुलिस ने सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने जलपुरा रोड स्थित स्कॉन मंदिर के पास से कशिश चौहान उर्फ ईशू, राजेश पवार, विवेक शर्मा, अंकित शाही और अंशुल को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से दो कारें, सात मोबाइल फोन, पुलिस सब इंस्पेक्टर की वर्दी तथा दिल्ली सिविल डिफेंस की वर्दी भी बरामद की गई। पूछताछ में मुख्य आरोपी कशिश चौहान ने कथित तौर पर बताया कि वह पीड़ित को वर्ष 2021 से जानता था और उसे जानकारी थी कि पीड़ित जीएसटी से जुड़े बिलों में कथित हेरफेर करता था। इसी जानकारी का फायदा उठाकर आरोपियों ने पैसे ऐंठने की योजना बनाई और लंबे समय तक पीड़ित की गतिविधियों की रेकी की।

पुलिस के अनुसार, घटना के दिन कशिश चौहान ने खुद को जीएसटी अधिकारी बताकर पीड़ित की कार में प्रवेश किया। इसके बाद अन्य आरोपी भी योजना के मुताबिक शामिल हो गए। पीड़ित को उसकी ही कार में घुमाया गया और जीएसटी की रकम वसूलने तथा मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी गई। आरोपियों ने पीड़ित के फोन से पैसे मंगवाए और जब उसका भाई 29 लाख रुपये लेकर पहुंचा, तब उसे छोड़ दिया। जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में कुछ लोग सुरक्षा और सिविल डिफेंस से जुड़े पदों पर कार्यरत रहे हैं, हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि घटना में शामिल कोई भी आरोपी पुलिसकर्मी नहीं है। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास और गिरोह से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

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