Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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नोएडा में स्वाइन फ्लू और डेंगू का डबल अटैक, एक दिन में 20 नए केस

गौतमबुद्ध नगर में बदलते मौसम के बीच स्वाइन फ्लू और डेंगू का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले में स्वाइन फ्लू के 20 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 140 हो गई है। लगातार बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
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गौतमबुद्ध नगर में बदलते मौसम के बीच स्वाइन फ्लू और डेंगू का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले में स्वाइन फ्लू के 20 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 140 हो गई है। लगातार बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। विभाग की ओर से लोगों को मौसम में बदलाव के दौरान विशेष सावधानी बरतने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय पर जांच कराने की सलाह दी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक स्वाइन फ्लू में तेज बुखार, सूखी खांसी और गले में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में कमजोरी, शरीर में दर्द और सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है।


स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शुरुआती लक्षणों को सामान्य वायरल या मौसमी बुखार समझकर नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है। लगातार तेज बुखार, खांसी या अन्य लक्षण बने रहने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। स्वाइन फ्लू की पहचान के लिए जिले में रैपिड एंटीजन किट से निशुल्क जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान हो सके। डॉक्टरों का कहना है कि स्वाइन फ्लू और डेंगू के कुछ शुरुआती लक्षण एक जैसे हो सकते हैं, इसलिए बिना जांच और चिकित्सकीय सलाह के खुद से दवा लेना उचित नहीं है। बुखार होने पर पर्याप्त आराम और तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए तथा उपचार डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लेना चाहिए।


बारिश के बाद जगह-जगह पानी जमा होने से डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के पनपने का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग लोगों से घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील कर रहा है। कूलर, गमले, छत और अन्य स्थानों पर जमा पानी को नियमित रूप से साफ करना जरूरी है। मच्छरों से बचाव के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने और आसपास साफ-सफाई रखने पर भी जोर दिया जा रहा है। साथ ही भीड़भाड़ वाली जगहों पर अनावश्यक जाने से बचने, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकने और हाथों की स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बुखार, खांसी, गले में दर्द या असामान्य कमजोरी जैसे लक्षण सामने आने पर लापरवाही न करें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय जांच कराएं।