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4 प्रतिशत आबादी के हक के लिए किसानों का निर्णायक संघर्ष, 2 सितंबर को प्राधिकरण तक पैदल मार्च
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से 4 प्रतिशत आबादी के अधिकार की मांग कर रहे किसानों ने अब निर्णायक आंदोलन का ऐलान किया है।
- sakshi choudhary
- 27 Aug, 2026
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से 4 प्रतिशत आबादी के अधिकार की मांग कर रहे किसानों ने अब निर्णायक आंदोलन का ऐलान किया है। बुधवार को ग्रेटर नोएडा जर्नलिस्ट प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में किसानों ने कहा कि 2 सितंबर को पहली बार आंदोलन पूरी तरह किसानों के नेतृत्व में होगा। इसमें किसी किसान यूनियन, राजनीतिक दल या अन्य संगठन की भागीदारी नहीं होगी और न ही किसी संगठन का बैनर लगाया जाएगा। किसानों के मुताबिक, 44 गांवों के हजारों किसान लंबे समय से 4 प्रतिशत आबादी के अधिकार से वंचित हैं। इसी मांग को लेकर 2 सितंबर को सुबह 10 बजे घोड़ी-बजेड़ा शहीद पार्क से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय तक शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला जाएगा। किसानों का कहना है कि यह मार्च उनके लंबित अधिकारों को लेकर प्रशासन और प्राधिकरण तक अपनी आवाज पहुंचाने का माध्यम होगा।
प्रेस वार्ता में किसानों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल या किसान संगठन के नेतृत्व में नहीं, बल्कि सीधे प्रभावित किसानों के अधिकारों की लड़ाई है। पैदल मार्च के बाद किसान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे। ज्ञापन के माध्यम से 4 प्रतिशत आबादी के लंबित अधिकारों का जल्द निस्तारण करने की मांग की जाएगी। किसानों का आरोप है कि वे अपनी समस्याओं को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और प्राधिकरण के अधिकारियों से मुलाकात कर चुके हैं। हर बार उन्हें जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। किसानों का कहना है कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा और उन्हें अपने अधिकार चाहिए। उनका दावा है कि लंबे समय से लंबित इस मुद्दे के कारण प्रभावित किसानों में लगातार असंतोष बढ़ रहा है।
किसानों ने कहा कि 2 सितंबर का पैदल मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मार्च और ज्ञापन के बाद भी यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। किसानों ने आगामी विधानसभा चुनाव में जनप्रतिनिधियों के विरोध की भी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि लंबे समय से अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज करना जनप्रतिनिधियों के लिए भारी पड़ सकता है। प्रेस वार्ता के दौरान किसानों ने क्षेत्र के सभी वंचित किसानों से 2 सितंबर को सुबह 10 बजे घोड़ी-बजेड़ा शहीद पार्क पहुंचने और शांतिपूर्ण पैदल मार्च में शामिल होने की अपील की। किसानों ने कहा कि बड़ी संख्या में एकजुट होकर ही प्राधिकरण के सामने अपनी मांग मजबूती से रखी जा सकती है।