Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● लखनऊ अग्निकांड पर सियासत तेज: ‘दोषी अफसरों पर FIR दर्ज हो’, आप सांसद संजय सिंह की मांग ● राम मंदिर चढ़ावा विवाद: SIT रिपोर्ट में चोरी, कमीशनखोरी और नियुक्तियों में गड़बड़ी के गंभीर आरोप ● Noida-Greater Noida के बीच बनेगा 31 KM का एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे, NHAI ने मांगा मास्टर प्लान ● दिल्ली-एनसीआर में बदला मौसम का मिजाज, तेज आंधी और बारिश से मिली राहत, IMD का रेड अलर्ट जारी ● आरओबी खुलने का लंबा इंतजार हुआ पूरा, प्रतिदिन एक लाख से अधिक वाहन चालकों को मिलेगी राहत ● Greater Noida: नॉलेज पार्क पुलिस ने 100 चोरी के मोबाइल फोन समेत तीन शातिर चोरों को किया गिरफ्तार ● दिल्ली मौसम अपडेट! बादलों ने दी राहत, उमस ने बढ़ाई परेशानी, अगले 24 घंटे में तापमान गिरेगा ● लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड! भीषण आग में 14 छात्रों की मौत, कई घायल; सीएम योगी दौरा छोड़ लौटे राजधानी ● जंतर-मंतर पर CJP का धरना तीसरे दिन भी जारी, आधार-पैन जांच पर पुलिस से विवाद; किसानों का मिला समर्थन ● अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सेक्टर 36 में आयोजित हुआ भव्य योग सत्र, निवासियों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

यूपी ट्रांसफर पॉलिसी 2026-27! गृह जिले में नहीं तैनात होंगे समूह ‘क’ अधिकारी, योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों को लेकर योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ट्रांसफर पॉलिसी 2026-27 को मंजूरी दे दी गई। नई नीति के तहत समूह ‘क’ के अधिकारियों को उनके गृह जिले में तैनाती नहीं दी जाएगी। जिन अधिकारियों के पद मंडल स्तर तक सीमित हैं, उन्हें उनके गृह मंडल में भी पोस्टिंग नहीं मिलेगी। वहीं समूह ‘ख’ के अधिकारियों पर भी गृह मंडल में तैनाती का प्रतिबंध लागू होगा, हालांकि यह नियम केवल जिलास्तरीय कार्यालयों पर लागू रहेगा।
top-news

उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों को लेकर योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ट्रांसफर पॉलिसी 2026-27 को मंजूरी दे दी गई। नई नीति के तहत समूह ‘क’ के अधिकारियों को उनके गृह जिले में तैनाती नहीं दी जाएगी। जिन अधिकारियों के पद मंडल स्तर तक सीमित हैं, उन्हें उनके गृह मंडल में भी पोस्टिंग नहीं मिलेगी। वहीं समूह ‘ख’ के अधिकारियों पर भी गृह मंडल में तैनाती का प्रतिबंध लागू होगा, हालांकि यह नियम केवल जिलास्तरीय कार्यालयों पर लागू रहेगा।


नई तबादला नीति में तीन और सात साल की सेवा अवधि को स्थानांतरण का आधार बनाया गया है, जिसकी कटऑफ तिथि 31 मार्च तय की गई है। जिन विभागों के पास किसी जिले में एक ही कार्यालय है, वहां 13 मई 2022 के शासनादेश के अनुसार पटल या क्षेत्र परिवर्तन किया जाएगा। समूह ‘ग’ के कर्मचारियों के लिए पटल और क्षेत्र परिवर्तन अनिवार्य कर दिया गया है। इस नीति के दायरे में करीब 9 लाख से अधिक राज्य कर्मचारी आएंगे, जबकि सचिवालय कर्मियों को इससे बाहर रखा गया है।


सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि विभागाध्यक्ष अपने मंत्रियों की सहमति से 31 मई तक तबादले कर सकेंगे। जिन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति में दो साल का समय बचा है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर इच्छित स्थान पर तैनाती देने पर विचार किया जाएगा। समूह ‘ग’ और ‘घ’ के कर्मचारियों को गृह जिले में पोस्टिंग मिल सकती है, जबकि समूह ‘क’ और ‘ख’ के अधिकारियों को गृह जिले से बाहर ही विकल्प दिए जाएंगे। इस फैसले को प्रशासनिक पारदर्शिता और संतुलन बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *