Swine Flu Alert: अलीगढ़ मंडल में 14 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि, 100 संदिग्धों की जांच; स्वास्थ्य मंत्री ने परखी तैयारियां
- sakshi choudhary
- 30 Aug, 2026
उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। अलीगढ़ मंडल में शनिवार तक 14 मरीजों में स्वाइन फ्लू संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 100 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, संक्रमित मरीजों में अलीगढ़ के नौ, कासगंज के दो, हाथरस के दो और एटा का एक मरीज शामिल है। बढ़ते संक्रमण के बीच राहत की बात यह है कि स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार अलीगढ़ मंडल में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू की जांच निशुल्क की जा रही है, जिससे संदिग्ध मरीजों को समय पर जांच और उपचार की सुविधा मिल सके।
अलीगढ़ के सीएमओ डॉ. आरएन सिंह ने लोगों से संक्रमण को लेकर घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। उनके अनुसार, सामान्य उपचार और जरूरी एहतियात के साथ बीमारी से बचाव किया जा सकता है और संक्रमण सामान्यतः कुछ दिनों में ठीक हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने इलाज करने वाले डॉक्टरों और फ्रंटलाइन वर्करों की सुरक्षा पर भी तैयारी शुरू कर दी है। पंडित दीनदयाल संयुक्त अस्पताल के सीएमएस डॉ. एमके माथुर के अनुसार, विभाग को डॉक्टरों और फ्रंटलाइन कर्मचारियों के लिए 110 वैक्सीन मिल चुकी हैं और जल्द ही स्टाफ का टीकाकरण किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को संक्रमण के जोखिम से बचाना और मरीजों के इलाज की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है। स्वास्थ्य विभाग संदिग्ध मामलों की निगरानी और जांच पर भी लगातार नजर रखे हुए है।
स्वाइन फ्लू को लेकर प्रदेश स्तर पर भी तैयारियों की समीक्षा की गई है। उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार सुबह ऑनलाइन बैठक कर प्रदेश के सभी मंडलों में जांच, उपचार और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने अपर निदेशक स्वास्थ्य और सीएमओ से संक्रमण से निपटने की तैयारियों पर चर्चा की। कार्यवाहक एडी हेल्थ डॉ. मोहन झा के मुताबिक, अलीगढ़ में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, जबकि मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और लखनऊ जैसे क्षेत्रों में संक्रमण के मामले अधिक बताए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता समय पर जांच, संक्रमित मरीजों का उचित उपचार और संक्रमण की रोकथाम है। ऐसे में लोगों से अपील की जा रही है कि फ्लू जैसे लक्षण महसूस होने पर लापरवाही न करें और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार जांच व इलाज कराएं।