Visit My State UP: अब Gen-Z बताएगी अपने शहर की कहानी, 60 सेकंड की Reel से बनेंगे सांस्कृतिक दूत
- sakshi choudhary
- 31 Aug, 2026
उत्तर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अब सरकार ने Gen-Z और युवाओं को डिजिटल माध्यम से जोड़ने की नई पहल शुरू की है। ‘विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश’ अभियान के तहत युवा अपने शहर की संस्कृति, विरासत, खान-पान, परंपराओं और खास पहचान की कहानी महज 60 सेकंड की Reel के जरिए देश-दुनिया के सामने रख सकेंगे। इस पहल का मकसद प्रदेश के पर्यटन स्थलों को युवाओं की नजर और उनकी अपनी आवाज के जरिए नई पहचान दिलाना है। सरकार का मानना है कि आज की Gen-Z यात्रा की योजना बनाने से पहले सोशल मीडिया Reels, छोटे वीडियो, स्थानीय लोगों के अनुभव और कंटेंट क्रिएटर्स की राय को काफी महत्व देती है। ऐसे में डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के साथ-साथ कम चर्चित जगहों को भी पर्यटकों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
इस अभियान के जरिए युवाओं को अपने शहरों का ‘सांस्कृतिक दूत’ बनाने की तैयारी है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के मुताबिक उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान केवल प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर जिले, शहर और गांव की अपनी अलग कहानी है। स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प, त्योहार, रीति-रिवाज, ऐतिहासिक विरासत और लोगों से जुड़ी कहानियां प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाती हैं। अभियान में शामिल होने के लिए प्रतिभागी को अधिकतम 60 सेकंड की Reel बनानी होगी। वीडियो में प्रतिभागी का खुद कैमरे के सामने आना जरूरी है और चेहरा व आवाज स्पष्ट होनी चाहिए। Reel किसी खुले स्थान पर शूट करनी होगी, जहां पीछे शहर का कोई प्रमुख पर्यटन स्थल या उसकी पहचान से जुड़ा स्थान दिखाई दे। खास बात यह है कि इसके लिए कोई तय स्क्रिप्ट नहीं दी गई है। युवा अपने शब्दों और अपने अंदाज में अपने शहर की कहानी सुना सकेंगे। वीडियो हिंदी या अंग्रेजी में बनाया जा सकता है, लेकिन Reel के अंत में ‘विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश’ कहना अनिवार्य होगा।
‘विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश’ अभियान में ऑनलाइन आवेदन के जरिए हिस्सा लिया जा सकता है। अपर मुख्य सचिव, पर्यटन अमृत अभिजात ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य स्थानीय लोगों को अपने शहर और आसपास के पर्यटन स्थलों की कहानी कहने के लिए प्रोत्साहित करना है। महज 60 सेकंड की Reel के जरिए किसी जगह की खासियत, स्थानीय अनुभव और व्यक्तिगत कहानी को प्रभावी तरीके से सामने लाया जा सकता है। उदाहरण के लिए लखनऊ के युवा चिकनकारी, स्थानीय खान-पान, पुराने शहर और ऐतिहासिक स्थलों की कहानी बता सकते हैं, जबकि ब्रज, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के युवा अपनी स्थानीय संस्कृति और पर्यटन स्थलों को दुनिया के सामने ला सकते हैं। सरकार को उम्मीद है कि युवाओं की ऐसी छोटी-छोटी कहानियां मिलकर उत्तर प्रदेश की आस्था, विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, व्यंजन और हस्तशिल्प को एक नए डिजिटल अंदाज में पेश करेंगी और पर्यटन को नई गति मिलेगी।