Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● 1 नवंबर से दिल्ली में गैर-BS6 वाहनों की नो एंट्री, नोएडा-ग्रेटर नोएडा के यात्रियों पर पड़ेगा असर ● गौतमबुद्धनगर में जनशिकायतों पर बड़ी कार्रवाई, 5 चौकी प्रभारी निलंबित; कई अधिकारियों की जांच शुरू ● Greater Noida News: शारदा यूनिवर्सिटी में ‘सस्टेन-ए-थॉन 2.0’ का समापन, 48 विश्वविद्यालयों की 70 से अधिक टीमों ने लिया हिस्सा ● Delhi-NCR Pollution: खराब AQI में कौन-सा मास्क पहनें? N95 और N99 में अंतर समझें, खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान ● Delhi-NCR Weather Update: चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, नोएडा-गाजियाबाद समेत कई इलाकों में बूंदाबांदी; IMD का अलर्ट ● Share Market Update: सेंसेक्स 400 अंक उछला, निफ्टी 22,800 के पार; IT और बैंकिंग शेयरों में तेजी से बाजार को सहारा ● Karwa Chauth 2026: दिल्ली-NCR में इस समय दिख सकता है चांद, नोएडा-गाजियाबाद में महिलाओं को करना होगा इंतजार ● भारत टेक्स ट्रेड फेडरेशन के नए चेयरमैन बने डॉ. ए. शक्तिवेल, भद्रेश दोधिया फिर चुने गए को-चेयरमैन ● ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 145वीं बोर्ड बैठक में लिए गए अहम निर्णय ● ग्रेटर नोएडा को ग्रेड-C से ग्रेड-A में बदलने की मांग, शासन स्तर पर प्रक्रिया विचाराधीन

1 नवंबर से दिल्ली में गैर-BS6 वाहनों की नो एंट्री, नोएडा-ग्रेटर नोएडा के यात्रियों पर पड़ेगा असर

दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने वाहनों से जुड़े नियम सख्त करने की तैयारी की है।
top-news

दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने वाहनों से जुड़े नियम सख्त करने की तैयारी की है। 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली में दूसरे राज्यों में पंजीकृत BS-VI से नीचे के वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू होगा। इसका असर नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम से रोजाना दिल्ली जाने वाले वाहन चालकों पर पड़ सकता है। नौकरी, कारोबार और अन्य कामों के लिए दिल्ली आने-जाने वाले लोगों को अपने वाहन के उत्सर्जन मानक और लागू छूट की जानकारी पहले से रखनी होगी।


किन वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति मिलेगी?


रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-VI मानक वाले पेट्रोल और डीजल वाहनों को प्रवेश की अनुमति होगी। इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और CNG से चलने वाले वाहनों को भी छूट दी गई है। एंबुलेंस, दमकल और अधिसूचना में शामिल अन्य जरूरी सेवाओं के वाहनों पर भी निर्धारित छूट लागू होगी। वहीं, BS-III और BS-IV जैसे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों के मालिकों को दिल्ली जाने से पहले अपने वाहन की श्रेणी और लागू नियमों की पुष्टि करनी चाहिए। प्रतिबंध के दायरे और छूट को लेकर संबंधित सरकारी अधिसूचना को अंतिम आधार मानना जरूरी है।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कितने वाहन होंगे प्रभावित?


मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बड़ी संख्या में ऐसे वाहन पंजीकृत हैं जो BS-VI मानक के अनुरूप नहीं हैं। आंकड़ों के आधार पर बताया गया कि करीब 3.5 लाख वाहन दिल्ली में लागू प्रतिबंध से प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, सभी पुराने वाहनों की स्थिति एक जैसी नहीं है। वाहन का उत्सर्जन मानक, पंजीकरण, आयु और उस पर लागू ELV संबंधी नियम अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए किसी वाहन पर प्रतिबंध लागू होने का फैसला केवल उसके मॉडल वर्ष के आधार पर नहीं करना चाहिए।

दिल्ली जाने वाले लोग क्या करें?


दिल्ली में नौकरी या कारोबार करने वाले वाहन चालकों को सलाह है कि वे अपने वाहन की RC में दर्ज उत्सर्जन श्रेणी की जांच करें और यात्रा से पहले नवीनतम सरकारी दिशा-निर्देश देखें। जिन वाहनों पर प्रतिबंध लागू होगा, उनके चालक दिल्ली मेट्रो, सार्वजनिक बस, कारपूलिंग या नियमों के अनुरूप दूसरे वाहन का विकल्प अपना सकते हैं। यह कदम सर्दियों में वाहन उत्सर्जन कम करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। हालांकि, रोजाना यात्रा करने वाले लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन और आखिरी दूरी तक कनेक्टिविटी भी महत्वपूर्ण होगी। वाहन से दिल्ली जाने से पहले आधिकारिक नियमों की पुष्टि करना सबसे सुरक्षित विकल्प है।