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अल्फा-1 मेट्रो स्टेशन के नीचे बने कियोस्क बने खतरे की वजह, नाले के ऊपर बैठने की व्यवस्था से बढ़ा हादसे का जोखिम
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा-1 स्थित मेट्रो स्टेशन के नीचे बनाए गए कियोस्क अब सुरक्षा और व्यवस्था दोनों के लिहाज़ से सवालों के घेरे में आ गए हैं।
- sakshi choudhary
- 22 Apr, 2026
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा-1 स्थित मेट्रो स्टेशन के नीचे बनाए गए कियोस्क अब सुरक्षा और व्यवस्था दोनों के लिहाज़ से सवालों के घेरे में आ गए हैं। ये कियोस्क ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के नाले के बिल्कुल पास स्थापित किए गए हैं, जबकि नाले के ऊपर ही लोगों के बैठकर खाना खाने की व्यवस्था भी कर दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह व्यवस्था कभी भी किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
25 वर्ष पुराना नाला, कमजोर ढांचे से बढ़ा खतरा
बताया जा रहा है कि जिस नाले को कवर करके यह व्यवस्था बनाई गई है, उसे बने हुए लगभग 25 वर्ष का समय हो चुका है। इतने लंबे समय के बाद नाले की संरचना कमजोर हो चुकी है। कई जगह ऐसे मामले सामने आए हैं जहाँ पुराने कवर किए गए नाले अचानक धंस जाते हैं या टूट जाते हैं। ऐसे में यहां बड़ी संख्या में लोगों का बैठना और भी जोखिम भरा साबित हो सकता है।
नाले के ऊपर डेकोरेशन और लाइटिंग कर किया गया अतिक्रमण
मौके पर देखा जा सकता है कि नाले के ऊपर डेकोरेशन, लाइटिंग और बैठने की व्यवस्था कर पूरी तरह से जगह को घेर लिया गया है। इससे न केवल नाले की मूल संरचना प्रभावित हो रही है, बल्कि भविष्य में किसी तकनीकी खराबी या मरम्मत की स्थिति में भी बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।
कियोस्क से निकलने वाला कचरा साफ करने की जिम्मेदारी प्राधिकरण पर
इन कियोस्क से निकलने वाले कचरे को साफ करने की जिम्मेदारी भी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर ही आ जाती है। जबकि इन कियोस्क से होने वाली आय (रेवेन्यू) नोएडा मेट्रो के माध्यम से प्राप्त की जा रही है। ऐसे में सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
टेंडर की शर्तों का उल्लंघन, कियोस्क में गैस कनेक्शन मौजूद
नोएडा मेट्रो द्वारा जारी टेंडर में स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि इन कियोस्क में गैस या कोयले का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। लेकिन मौके पर लगभग सभी कियोस्क के अंदर गैस सिलेंडर और कुकिंग की व्यवस्था दिखाई दे रही है। यह टेंडर शर्तों का सीधा उल्लंघन है और इससे आग लगने जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
प्राधिकरण से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि इस पूरे मामले का ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को संज्ञान लेना चाहिए। यदि समय रहते जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द इन कियोस्क और नाले के ऊपर की गई व्यवस्था की जांच कर आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है।
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