Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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नोएडा हिंसक प्रदर्शन की जांच तेज, SIT गठित! जल्द हो सकती हैं और गिरफ्तारियां

नोएडा में 13 अप्रैल को वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन की जांच अब तेज हो गई है। गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने इस पूरे मामले की पड़ताल के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसका नेतृत्व एडीसीपी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। टीम में 10 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल हैं, जो दर्ज मामलों की गहराई से जांच कर पुलिस कमिश्नर को रिपोर्ट सौंपेंगे। पुलिस के अनुसार, SIT के गठन से जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी और हिंसा के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा हो सकेगा।
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नोएडा में 13 अप्रैल को वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन की जांच अब तेज हो गई है। गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने इस पूरे मामले की पड़ताल के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसका नेतृत्व एडीसीपी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। टीम में 10 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल हैं, जो दर्ज मामलों की गहराई से जांच कर पुलिस कमिश्नर को रिपोर्ट सौंपेंगे। पुलिस के अनुसार, SIT के गठन से जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी और हिंसा के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा हो सकेगा।


जांच में अब तक कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस का दावा है कि इस प्रदर्शन को हिंसक बनाने में बाहरी तत्वों की भूमिका थी। 83 स्थानों पर हुए इस विरोध प्रदर्शन में 42 हजार से अधिक लोग शामिल हुए थे। अब तक 11 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 2000 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है। मुख्य आरोपी आदित्य आनंद समेत 62 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस की छह टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।


वहीं, जांच में यह भी सामने आया है कि प्रदर्शन के दौरान सीसीटीवी कैमरों को निष्क्रिय करने के लिए महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। पुलिस को ऑडियो और मैसेज भी मिले हैं, जिनमें हिंसा भड़काने और गोली चलाने की बात कही गई है। डिजिटल साक्ष्यों की जांच के लिए आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप से डेटा रिकवर किया जा रहा है, जिसके लिए गूगल से भी जानकारी मांगी गई है। पुलिस को शक है कि सोशल मीडिया के जरिए साजिश रची गई, जिसमें विदेश से संचालित हैंडल का भी इस्तेमाल किया गया।

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