Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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यूनिफाइड पॉलिसी में बड़ा बदलाव! कम आय वर्ग को मिलेगी आवास में राहत, कीमतें होंगी नियंत्रित

गौतमबुद्ध नगर में श्रमिकों और कम आय वर्ग के परिवारों के लिए आवास उपलब्धता को आसान बनाने के लिए यूनिफाइड बिल्डिंग पॉलिसी के तहत एक बड़ा प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस नीति के अनुसार अब ईडब्ल्यूएस (EWS) श्रेणी के आवास की अधिकतम कीमत 3.50 लाख रुपये और एलआईजी (LIG) श्रेणी के आवास की अधिकतम कीमत 9 लाख रुपये तय की जाएगी। यह नियम फैक्टरियों में काम करने वाले श्रमिकों और शहरी गरीब वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया गया है, ताकि उन्हें महंगे किराये और बढ़ती आवासीय कीमतों से राहत मिल सके। ईडब्ल्यूएस के लिए 30 वर्गमीटर और एलआईजी के लिए 35 वर्गमीटर कारपेट एरिया निर्धारित किया गया है।
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गौतमबुद्ध नगर में श्रमिकों और कम आय वर्ग के परिवारों के लिए आवास उपलब्धता को आसान बनाने के लिए यूनिफाइड बिल्डिंग पॉलिसी के तहत एक बड़ा प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस नीति के अनुसार अब ईडब्ल्यूएस (EWS) श्रेणी के आवास की अधिकतम कीमत 3.50 लाख रुपये और एलआईजी (LIG) श्रेणी के आवास की अधिकतम कीमत 9 लाख रुपये तय की जाएगी। यह नियम फैक्टरियों में काम करने वाले श्रमिकों और शहरी गरीब वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया गया है, ताकि उन्हें महंगे किराये और बढ़ती आवासीय कीमतों से राहत मिल सके। ईडब्ल्यूएस के लिए 30 वर्गमीटर और एलआईजी के लिए 35 वर्गमीटर कारपेट एरिया निर्धारित किया गया है।


ड्राफ्ट पॉलिसी में यह भी प्रावधान किया गया है कि 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में इन कीमतों में 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन यह निर्णय केवल राज्य सरकार ही कर सकेगी। इसके साथ ही औद्योगिक विकास प्राधिकरणों और बिल्डर्स को भी इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति के तहत कम से कम 20 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस और एलआईजी आवास बनाना अनिवार्य होगा। इन आवासों की निगरानी स्थानीय विकास प्राधिकरण द्वारा की जाएगी और तिमाही रिपोर्ट में निर्माण एवं आवंटन की स्थिति भी दर्ज करनी होगी।


अधिकारियों का कहना है कि इस नीति से कामगारों को बेहतर और सुलभ आवास उपलब्ध होगा, जिससे उन्हें असुरक्षित और महंगे किराये वाले मकानों में रहने की मजबूरी से राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति ने भी इस जरूरत को महत्वपूर्ण बताया है। लंबे समय से उद्योग जगत और श्रमिक संगठनों की मांग थी कि किफायती आवास व्यवस्था को मजबूत किया जाए, जिसे अब इस यूनिफाइड पॉलिसी के जरिए लागू किया जा रहा है।

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