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यमुना प्राधिकरण में ग्रीन ट्रांसपोर्ट की नई शुरुआत, NTPC दादरी की 3 हाइड्रोजन बसों और इलेक्ट्रिक बसों को मिली हरी झंडी
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
- sakshi choudhary
- 12 Jun, 2026
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। आज यमुना प्राधिकरण में इलेक्ट्रिक बसों के साथ 3 हाइड्रोजन ईंधन आधारित बसों का फ्लैग ऑफ किया जा रहा है। इन अत्याधुनिक बसों का निर्माण NTPC दादरी द्वारा Green Hydrogen Based Mobility Project के अंतर्गत किया गया है और इन्हें यमुना प्राधिकरण के सहयोग से संचालित किया जाएगा। यह पहल भारत में ग्रीन मोबिलिटी और क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में एक नई मिसाल स्थापित करने जा रही है।
ग्रीन हाइड्रोजन आधारित यह परियोजना कई पर्यावरणीय लाभों से जुड़ी हुई है। परियोजना में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के जल का उपयोग किया जाता है, जिससे भूजल का दोहन नहीं होता। इसके अलावा प्रतिदिन लगभग 2080 किलोग्राम ऑक्सीजन का उत्पादन होगा, जो करीब 1750 पेड़ लगाने के बराबर माना जा रहा है। हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित इन बसों से उत्सर्जन के रूप में केवल पानी निकलेगा, जिससे वायु प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही यह परियोजना हर वर्ष लगभग 1000 टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन को कम करने में मदद करेगी।
भारत के सबसे बड़े Green Hydrogen Fueling Station से जुड़ी इस परियोजना के तहत 12 मीटर लंबी प्रत्येक बस में 42 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। एक बार में 56 किलोग्राम हाइड्रोजन भरने के बाद ये बसें लगभग 750 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकेंगी। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण और NTPC दादरी की यह संयुक्त पहल भविष्य के हरित परिवहन मॉडल की मजबूत नींव रखने के साथ-साथ भारत के Net Zero और Sustainable Development लक्ष्यों को भी नई गति प्रदान करेगी।
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