ग्रेटर नोएडा में डेंगू का बढ़ता खतरा! 236 मरीजों से बढ़ी चिंता
- sakshi choudhary
- 21 Oct, 2026
गौतमबुद्धनगर में डेंगू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। 9 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में डेंगू के कुल मामले बढ़कर 236 तक पहुंच गए हैं। संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी तेज करने के साथ फॉगिंग और मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने का अभियान भी तेज कर दिया है। वहीं, 140 से अधिक आवासीय सोसायटियों और व्यक्तिगत मकानों को नोटिस जारी कर मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
इन इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की खास नजर
डेंगू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कई क्षेत्रों को संवेदनशील श्रेणी में रखा है। इनमें सेक्टर-22, सेक्टर-2, दादरी, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, अल्फा-2, गौर सिटी और आसपास के गांव शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें नियमित निरीक्षण कर रही हैं। जहां भी मच्छरों के लार्वा मिलने की पुष्टि हो रही है, वहां एंटी-लार्वा गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। प्रशासन ने संबंधित विभागों को साफ-सफाई, निगरानी और मच्छर नियंत्रण के उपाय मजबूत करने के निर्देश भी दिए हैं।
कूलर और गमलों का जमा पानी बन सकता है खतरा
डेंगू फैलाने वाले मच्छरों को पनपने के लिए अधिक पानी की जरूरत नहीं होती। घरों में रखे कूलर, गमलों की प्लेटें, छतों पर जमा पानी, नालियां, निर्माण स्थलों और पुराने टायरों में इकट्ठा पानी मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने लोगों से अपने आसपास पानी जमा नहीं होने देने और नियमित सफाई करने की अपील की है।
स्कूलों और सोसायटियों में जागरूकता अभियान
जिला मलेरिया अधिकारी श्रुति वर्मा के अनुसार, डेंगू की रोकथाम के लिए नियमित फॉगिंग के साथ जनभागीदारी भी जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग आवासीय सोसायटियों, स्कूलों और अन्य संस्थानों में जागरूकता अभियान चला रहा है।
स्कूलों और विद्यार्थियों को पूरी बांह के कपड़े पहनने, मच्छर भगाने वाले उत्पादों का इस्तेमाल करने और मच्छरों के पनपने वाले स्थानों से बचने की सलाह दी गई है।
आपकी छोटी सावधानी, डेंगू से बड़ी सुरक्षा
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से कूलर और पानी के बर्तनों की नियमित सफाई करने, पानी की टंकियों को ढककर रखने तथा पुराने टायरों और बेकार कंटेनरों को हटाने की अपील की है।
डेंगू के खिलाफ लड़ाई सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी से ही सफल हो सकती है। घर और आसपास सफाई बनाए रखना तथा मच्छरों के संभावित प्रजनन स्थलों की सूचना देना इस अभियान को प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।