दादरी से खुर्जा तक बसने जा रहा न्यू नोएडा! 80 गांवों की जमीन पर बनेगा भविष्य का औद्योगिक शहर
- sakshi choudhary
- 21 Oct, 2026
दिल्ली-एनसीआर के विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बाद अब न्यू नोएडा को आधुनिक औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर काम तेज हो गया है। दादरी से खुर्जा के बीच बुलंदशहर और गौतमबुद्धनगर के कुल 80 गांवों की जमीन पर प्रस्तावित इस शहर का मास्टर प्लान-2041 मंजूर हो चुका है। अब जमीन अधिग्रहण की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।
80 गांवों में फैलेगा न्यू नोएडा का दायरा
प्रस्तावित न्यू नोएडा का क्षेत्रफल लगभग 200 वर्ग किलोमीटर होगा, जो मौजूदा नोएडा के 203 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के लगभग बराबर है। योजना में बुलंदशहर के 60 और दादरी क्षेत्र के 20 गांव शामिल हैं।
नोएडा प्राधिकरण ने शुरुआती दो चरणों के लिए 32 गांव चिह्नित किए हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, 281 किसानों ने अपनी जमीन देने की सहमति भी दी है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्राधिकरण ने अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की है।
शहर के बीच से गुजरेगी 130 मीटर चौड़ी सड़क
न्यू नोएडा की सबसे बड़ी खासियत इसका आधुनिक रोड नेटवर्क होगा। शहर के बीच से लगभग 130 मीटर चौड़ी ग्रिड रोड प्रस्तावित है, जो दादरी से खुर्जा की ओर जाएगी। यहां से निकलने वाली सड़कें खुर्जा और जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी।
योजना में 75 से 105 मीटर चौड़ी मुख्य सड़कें और 45 से 75 मीटर चौड़ी सेक्टर सड़कें भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य भारी वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करना और शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम रखना है।
40 प्रतिशत क्षेत्र में उद्योग और वेयरहाउसिंग
न्यू नोएडा को मुख्य रूप से निवेश और औद्योगिक गतिविधियों का केंद्र बनाया जाएगा। योजना के अनुसार, लगभग 40 प्रतिशत क्षेत्र उद्योगों और वेयरहाउसिंग के लिए निर्धारित होगा। इसके साथ ही मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब और ट्रांजिट हब विकसित करने की योजना है, जिससे माल परिवहन और औद्योगिक कारोबार को बढ़ावा मिल सकेगा।
एक अन्य खास पहलू कामगारों के आवास का नियोजन है। सामान्य औद्योगिक भूखंडों में श्रमिकों के रहने की व्यवस्था के लिए जमीन आरक्षित करने की योजना भी बनाई गई है।
पानी की समस्या से निपटने के लिए छह ट्रीटमेंट प्लांट
नोएडा में पानी की उपलब्धता और गुणवत्ता से जुड़ी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए न्यू नोएडा में वैकल्पिक व्यवस्था प्रस्तावित है। योजना के मुताबिक, गंग नहर के किनारे छह वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे, जिनकी कुल प्रस्तावित क्षमता 310 एमएलडी होगी। भूजल पर निर्भरता खत्म करने और जलापूर्ति को अधिक व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया गया है।
पांच चरणों में विकसित होगा नया शहर
न्यू नोएडा को पांच चरणों में विकसित करने की योजना है। अंतिम चरण 2041 से 2047 के बीच पूरा करने का लक्ष्य प्रस्तावित है। आवासीय उपयोग के लिए लगभग 13.44 प्रतिशत क्षेत्र निर्धारित किया गया है, जबकि उद्योग और लॉजिस्टिक्स को अधिक महत्व दिया गया है।
न्यू नोएडा की असली पहचान सिर्फ एक नए शहर की नहीं, बल्कि उद्योग, परिवहन और नियोजित शहरी विकास के संगम की हो सकती है। हालांकि, जमीन अधिग्रहण, किसानों की सहमति, बुनियादी ढांचे के निर्माण और परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन से ही तय होगा कि यह महत्वाकांक्षी योजना जमीन पर कितनी तेजी से आकार लेती है।