जेवर एयरपोर्ट पर 29 अक्टूबर को मचेगी आपातकाल की हलचल! विमान हादसे जैसी स्थिति में परखी जाएगी तैयारियां
- sakshi choudhary
- 21 Oct, 2026
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट पर 29 अक्टूबर 2026 को फुल-स्केल इमरजेंसी मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसमें विमान हादसे जैसी काल्पनिक स्थिति बनाकर यह जांचा जाएगा कि संकट के समय राहत और बचाव एजेंसियां कितनी तेजी से कार्रवाई कर सकती हैं। इस अभ्यास में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और अग्निशमन विभाग समेत विभिन्न एजेंसियां हिस्सा लेंगी।
हादसे जैसी स्थिति में कैसे होगा रेस्क्यू? होगी पूरी तैयारी की परीक्षा
मॉक ड्रिल के दौरान एयरपोर्ट की आपातकालीन योजना को सक्रिय किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास करना नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों के बीच तालमेल, संचार व्यवस्था और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता को भी परखना है। अभ्यास में यह देखा जाएगा कि किसी विमान दुर्घटना जैसी स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित निकालने, घायलों तक चिकित्सा सहायता पहुंचाने और बचाव अभियान संचालित करने में संबंधित एजेंसियां कितनी प्रभावी भूमिका निभाती हैं।
12 अक्टूबर को हुई थी पहली तैयारी
फुल-स्केल मॉक ड्रिल से पहले 12 अक्टूबर को एयरपोर्ट परिसर में टेबलटॉप एक्सरसाइज आयोजित की गई थी। इसमें संबंधित विभागों के अधिकारियों ने आपात स्थिति के दौरान अपनी जिम्मेदारियों और कार्रवाई की प्रक्रिया पर चर्चा की थी। अब 29 अक्टूबर को वास्तविक परिस्थितियों के करीब अभ्यास के जरिए तैयारियों की व्यावहारिक जांच की जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से पहले सुरक्षा पर खास जोर
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन की तैयारियों के बीच आपातकालीन प्रबंधन की समीक्षा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। किसी भी अप्रत्याशित घटना के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और एयरपोर्ट प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है. एडीसीपी पूनम के मुताबिक, मॉक ड्रिल में एयरपोर्ट थाने की पुलिस मौजूद रहेगी। जरूरत पड़ने पर अन्य थानों से भी पुलिस बल बुलाया जा सकता है। पूरी प्रक्रिया प्रशासन की निगरानी में संपन्न होगी। वहीं, जेवर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सर्फे जेया ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं और एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। विभाग ने भविष्य में भी किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने की बात कही है।
इंडिगो विमान की घटना के बाद भी सुरक्षा तैयारियां अहम
रिपोर्ट के मुताबिक, 20 सितंबर को जयपुर के लिए उड़ान भरने वाला इंडिगो का विमान तकनीकी खराबी के कारण रनवे पर वापस उतारा गया था। पायलट ने एटीसी को सूचना दी थी और विमान को सुरक्षित उतार लिया गया था। इस घटना के बाद आपातकालीन तैयारियों की अहमियत पर भी ध्यान दिया जा रहा है। 29 अक्टूबर की मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी वास्तविक संकट में प्रतिक्रिया देने में देरी न हो और यात्रियों को समय पर मदद मिल सके। अभ्यास के नतीजों से एयरपोर्ट की आपातकालीन व्यवस्था में सुधार के संभावित क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलेगी।