ग्रेनो में प्रदूषण से निपटने की तैयारी, 21 टीमें मैदान में
- Kapil Choudhary
- 12 Sep, 2026
ग्रेटर नोएडा। सर्दियों में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्राधिकरण ने 21 टीमें गठित की हैं। ये टीमें शहर और ग्रामीण क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण करेंगी और मौके पर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के नियमों का पालन सुनिश्चित कराएंगी।
प्राधिकरण के मुताबिक, इन टीमों में परियोजना, विद्युत अभियांत्रिकी, स्वास्थ्य, जल, सीवर और उद्यान समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्रबंधक और प्रबंधक शामिल हैं। जोनल और सहायक जोनल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में प्रदूषण की रोकथाम के लिए जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
71 सड़कें होंगी धूलमुक्त
प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए प्राधिकरण ने एक विस्तृत कार्ययोजना भी तैयार की है। इसके तहत ग्रेटर नोएडा की 71 प्रमुख सड़कों को धूलमुक्त किया जाएगा। इन सड़कों की कुल लंबाई करीब 263 किलोमीटर है। नई सड़कों के निर्माण के साथ पुरानी सड़कों की मरम्मत, सेंट्रल वर्ज और फुटपाथ को दुरुस्त करने का काम भी किया जाएगा।
इसके अलावा कूड़ा निस्तारण केंद्रों को चालू करने और शहर में हरियाली बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
30 होंगे ईवी चार्जिंग स्टेशन
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए शहर में ईवी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या 10 से बढ़ाकर 30 की जाएगी। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन चालकों की सुविधा के लिए 20 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे।
प्राधिकरण एंटी स्मॉग गन की संख्या भी बढ़ाने जा रहा है। फिलहाल शहर में 20 एंटी स्मॉग गन हैं, जिनकी संख्या बढ़ाकर 32 की जाएगी। यानी 12 नई एंटी स्मॉग गन खरीदी जाएंगी।
चार जगह से मापी जाएगी हवा की गुणवत्ता
ग्रेटर नोएडा में वायु गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए निगरानी स्टेशनों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। अभी शहर में दो वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन हैं। इन्हें बढ़ाकर चार किया जाएगा।
नए स्टेशन प्राधिकरण कार्यालय के पास और सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट के पास लगाए जाएंगे। वर्तमान में एक स्टेशन नॉलेज पार्क-3 में शारदा विश्वविद्यालय के पास और दूसरा नॉलेज पार्क-5 में गौतमबुद्ध बालक इंटर कॉलेज के पास संचालित है।
प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी ने कहा कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इस संबंध में सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।