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प्रहरी ऐप से डर रहे ठेकेदार, ग्रेटर नोएडा में पंजीकरण को लेकर बढ़ी हलचल
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ठेकेदारों के लिए प्रहरी ऐप पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। 16 अगस्त अंतिम तारीख है। आगामी टेंडरों में केवल पंजीकृत ठेकेदारों को ही काम का अवसर मिलेगा। ऐप के जरिए अनुभव प्रमाणपत्र और पुराने कार्यों का सत्यापन किया जाएगा, जिससे फर्जी दस्तावेजों पर रोक और टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
- Kapil Choudhary
- 13 Aug, 2026
16 अगस्त है अंतिम तारीख, पंजीकृत ठेकेदारों को ही मिलेगा आगामी कार्यों में मौका
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों के लिए प्रहरी ऐप पर पंजीकरण अब अनिवार्य किया गया है। पंजीकरण की अंतिम तारीख 16 अगस्त निर्धारित की गई है। प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आगामी टेंडरों में उन्हीं ठेकेदारों को काम का अवसर मिलेगा, जिनका प्रहरी ऐप पर पंजीकरण होगा।
प्रहरी ऐप के माध्यम से ठेकेदारों के अनुभव प्रमाणपत्र और पूर्व में किए गए कार्यों की जानकारी को ऑनलाइन दर्ज और सत्यापित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य टेंडर प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और फर्जी अथवा संदिग्ध अनुभव प्रमाणपत्रों पर रोक लगाना बताया जा रहा है।
दरअसल, अब तक कई ठेकेदार पंचायत राज विभाग, पीडब्ल्यूडी, नगर विकास विभाग समेत अन्य विभागों में किए गए कार्यों के अनुभव प्रमाणपत्र लगाकर प्राधिकरण में करोड़ों रुपये के कार्यों के लिए पात्रता हासिल कर रहे थे। नए सिस्टम में इन प्रमाणपत्रों का सत्यापन होने के कारण ठेकेदारों के बीच चिंता बढ़ी है।
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार प्रहरी ऐप पर पंजीकरण के बाद ठेकेदारों के दस्तावेज और अनुभव का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। इससे विभागों को अलग-अलग प्रमाणपत्रों की जांच के लिए पत्राचार करने की जरूरत कम होगी और निर्माण कार्यों की निगरानी भी बेहतर तरीके से की जा सकेगी।
बताया जा रहा है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में एजेंसियां और ठेकेदार कार्यरत हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र या गलत जानकारी के आधार पर काम हासिल करने वालों पर शिकंजा कसने की उम्मीद है।
प्राधिकरण का कहना है कि प्रहरी ऐप पर पंजीकरण की व्यवस्था से टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और योग्य ठेकेदारों को ही काम मिल सकेगा।
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