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● दिल्ली में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा, 7.36 करोड़ रुपये का लेनदेन; बैंक मैनेजर समेत छह गिरफ्तार
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दिल्ली में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा, 7.36 करोड़ रुपये का लेनदेन; बैंक मैनेजर समेत छह गिरफ्तार
देश की राजधानी दिल्ली में साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।
- sakshi choudhary
- 23 Oct, 2026
देश की राजधानी दिल्ली में साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में बैंक मैनेजर समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच के दौरान 37 फर्जी बैंक खातों का पता चला है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर ठगी की रकम को एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए किया जा रहा था। मामले में कुल 7.36 करोड़ रुपये के लेनदेन की बात सामने आई है। इस खुलासे ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर साइबर अपराधी बैंक खातों का इस्तेमाल करके लोगों की मेहनत की कमाई कैसे हड़प लेते हैं।
फर्जी खातों से ऐसे चलता था ठगी का खेल
साइबर ठगी करने वाले अपराधियों के लिए केवल लोगों को धोखा देना ही काफी नहीं होता, बल्कि ठगी से मिले पैसों को छिपाना भी बड़ी चुनौती होती है। इसके लिए वे कई बार दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे खातों को आम भाषा में म्यूल अकाउंट कहा जाता है। इन खातों में ठगी की रकम जमा की जाती है और फिर उसे कई दूसरे खातों में भेज दिया जाता है। इससे पुलिस के लिए पैसे के असली स्रोत और अंतिम लाभार्थी तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। दिल्ली के इस मामले में मिले 37 फर्जी खातों की भूमिका की जांच की जा रही है।
बैंक मैनेजर की भूमिका ने बढ़ाई चिंता
इस मामले में बैंक मैनेजर समेत छह लोगों की गिरफ्तारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बैंकिंग व्यवस्था में ग्राहकों की पहचान और दस्तावेजों की जांच बेहद जरूरी होती है। बैंक खाता खोलते समय KYC यानी ग्राहक की पहचान से जुड़े नियमों का पालन किया जाता है। अगर कोई व्यक्ति इन नियमों को दरकिनार करने में मदद करता है, तो ऐसे खातों का इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। हालांकि, गिरफ्तार किए गए प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका और आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
आम लोग कैसे बचाएं अपनी मेहनत की कमाई?
साइबर ठगी से बचने के लिए कुछ सावधानियां बेहद जरूरी हैं। किसी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, ATM कार्ड, OTP या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी न दें। नौकरी या घर बैठे कमाई का लालच देकर बैंक खाता खुलवाने वाले लोगों से सावधान रहें। अपने खाते में किसी अनजान व्यक्ति की रकम मंगवाकर उसे दूसरे खाते में भेजने के बदले कमीशन लेने का प्रस्ताव भी जोखिम भरा हो सकता है। ऐसा करने पर व्यक्ति अनजाने में साइबर अपराध के नेटवर्क का हिस्सा बन सकता है।
अगर आपके साथ ऑनलाइन ठगी होती है, तो तुरंत अपने बैंक को सूचित करें और भारत के साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। आप आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। समय पर शिकायत करने से संदिग्ध लेनदेन को रोकने और पैसे की वसूली की संभावना बढ़ाने में मदद मिल सकती है।