Greater Noida News: रिहायशी सेक्टरों में अवैध PG पर कार्रवाई की मांग, किसान यूनियन मंच ने प्राधिकरण और पुलिस को सौंपा ज्ञापन
- sakshi choudhary
- 23 Oct, 2026
ग्रेटर नोएडा के रिहायशी सेक्टरों में चल रहे कथित अवैध पेइंग गेस्ट (PG) को लेकर भारतीय किसान यूनियन मंच ने कार्रवाई की मांग उठाई है। संगठन ने अल्फा-1, अल्फा-2 समेत अन्य रिहायशी सेक्टरों में संचालित पीजी की जांच कराने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में संगठन की ओर से ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के नाम डीजीएम विजय रावल को ज्ञापन सौंपा गया। साथ ही पुलिस उपायुक्त को भी ज्ञापन देकर मामले से अवगत कराया गया।
पीजी में सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर उठाए सवाल
भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय महासचिव मास्टर मनमिंदर भाटी ने आरोप लगाया कि शहर के कई रिहायशी सेक्टरों में पीजी संचालित हो रहे हैं, जहां जरूरी अनुमति, अग्निशमन व्यवस्था और सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर शिकायतें सामने आती रहती हैं। उनका कहना है कि कुछ जगहों पर देर रात हंगामा, स्थानीय निवासियों को परेशानी और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की शिकायतें भी मिलती हैं।
संगठन ने पीजी में रहने वाले छात्र-छात्राओं को मिलने वाली सुविधाओं पर भी सवाल उठाए। मनमिंदर भाटी के अनुसार, खराब भोजन, बुनियादी सुविधाओं की कमी और संचालकों के कथित दुर्व्यवहार जैसी शिकायतों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने छात्राओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की मांग भी की।
अल्फा-2 के पीजी में छात्र को बंधक बनाने का आरोप
संगठन के जिलाध्यक्ष अक्षय मुखिया ने बताया कि 22 अक्टूबर 2026 को ग्रेटर नोएडा के अल्फा-2 स्थित द कॉर्नर हाउस पीजी में एक गंभीर घटना सामने आई थी।
उनके अनुसार, बिजनौर निवासी छात्र दिव्यांश शर्मा ने भोजन की गुणवत्ता और गंदगी को लेकर शिकायत की थी। आरोप है कि इसके बाद पीजी संचालक दीपक भड़ाना ने छात्र को बंधक बना लिया।
संगठन का दावा है कि छात्र ने किसी तरह कार्यकर्ताओं को सूचना दी। इसके बाद कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और नजदीकी पुलिस चौकी की सहायता से छात्र को मुक्त कराया गया। संगठन ने यह भी बताया कि छात्र की ओर से बीटा थाने में शिकायत दी गई है। हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
किसान यूनियन मंच ने रखीं पांच प्रमुख मांगें
भारतीय किसान यूनियन मंच ने प्राधिकरण और पुलिस प्रशासन के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं:
पीजी का सर्वे: अल्फा-1, अल्फा-2 समेत सभी रिहायशी सेक्टरों में चल रहे पीजी की जांच कर उनकी वैधता पता लगाई जाए।
नियमों का पालन: जरूरी अनुमति के बिना चल रहे पीजी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
सुरक्षा जांच: सभी पीजी में अग्निशमन उपकरण, सुरक्षित निकास और भवन सुरक्षा की जांच हो।
शिकायतों पर कार्रवाई: छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार, आर्थिक शोषण या उन्हें जबरन रोकने के आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाए।
शिकायत निवारण व्यवस्था: विद्यार्थियों की समस्याओं को जल्द सुलझाने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
कार्रवाई नहीं हुई तो धरना देने की चेतावनी
संगठन के राष्ट्रीय महासचिव मास्टर मनमिंदर भाटी ने कहा कि प्राधिकरण और पुलिस प्रशासन को इस मामले में जल्द कदम उठाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो भारतीय किसान यूनियन मंच प्रभावित विद्यार्थियों को साथ लेकर प्राधिकरण के मुख्य कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेगा. इस दौरान सचिन भाटी, अजब सिंह भाटी, सोबी भाटी, आयुष शर्मा, डॉ. मोहसिन, विकास प्रधान, ओम प्रकाश, सोनू भाटी, अनिल सहजी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। अब देखना होगा कि प्राधिकरण और पुलिस प्रशासन इस मांग पर क्या कदम उठाते हैं और पीजी की जांच को लेकर आगे क्या कार्रवाई होती है।